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Hamare Baarah Movie Review: कंट्रोवर्सी और कोर्ट कचहरी के बाद ‘हमारे बारह’ मूवी लोगों को नहीं आई पसंद! पितृसत्ता से जुड़ी घिसी पिटी कहानी

Hamare Baarah Film Review: बॉक्स ऑफिस पर पिट सकती है अन्नू कपूर की ‘हमारे बारह’ मूवी।

2 min read
Jun 25, 2024
Hamare Baarah Movie Review

निर्देशक - कमल चंद्रा
लेखक - राजन अग्रवाल, सूफी
कास्ट टीम - अन्नू कपूर , मनोज जोशी, अश्विनी कालसेकर, पार्थ समथान, परितोष त्रिपाठी, अदिति भटपहरी, अंकिता द्विवेदी
अवधि- 2 Hrs 2 Min

Hamare Baarah Movie: कंट्रोवर्शियल मूवी ‘हमारे बारह’ की रिलीज डेट 3 बार आगे बढ़ाई गई। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले। मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। नतीजतन तब कोर्ट ने दिशा निर्देश देते हुए मूवी के कुछ आपत्तिजनक डायलॉग और सीन्स हटाए।

जिसके कारण कंट्रोवर्सी और कोर्ट कचहरी के बाद आखिरकार यह फिल्म (Hamare Baarah Movie) बड़े पर्दे पर 21 जून को रिलीज़ हो गई। मूवी की क्या कुछ कमियां और खूबसूरती है, आज के इस रिव्यू आर्टिकल में हम जानने का प्रयास करेंगे।

महिला सशक्तिकरण और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों पर आधारित है ये फिल्म

फिल्म के कहानी में काफी उतर चढ़ाव है। यह मूवी आपको अंत तक बांधे रख सकती है। कई जगह आपको घिसी पिटी सोच वाली फिल्म लगेगी। जैसा कि हम पहले से चली आ रही फिल्मों में देखते हैं। जिसमें पितृसत्ता का बोलबाला रहता है।

बता दें फिल्म महिला सशक्तिकरण और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों का दावा करती है, मगर निर्देशक ने इन इश्यूज को इंगित करने के लिए जिस तरह से एक समुदाय विशेष का सहारा लिया है, वो मुद्दों की गंभीरता को धूमिल कर देता है।

हमारे बारह मूवी की `खामियां

बात की जाए इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी तो फिल्म की कहानी पुराने ढंग से पितृसत्तात्मक सोच पर आधारित है। बॉलीवुड में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने को लेकर पहले भी मूवी बन चुकी है।

फिल्म की लोकेशन, लाइटिंग और सिनेमेटोग्राफ़ी पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। इस पर और अधिक कार्य करने की जरूरत थी।

डायलॉग का सही और उचित समय पर प्रयोग नहीं।

इस मूवी में अन्नू कपूर (Annu Kpoor) अहम रोल में हैं। उनकी एवरेज एक्टिंग फिल्म की एक कड़ी को कमजोर कर रही है।

फिल्म में तकनीक और एक्टिंग की कमी।

हमारे बारह मूवी की खूबियां

महिला सशक्तिकरण का सबसे उत्तम उदाहरण है ये फिल्म। फिल्म की कहानी पारिवारिक मुद्दे पर आधारित है। जिसमें दिखाया गया है कि एक महिला किस प्रकार के पारिवारिक उलझनों में फसकर प्रताड़ित होती है।

यह फिल्म महिलाओं के कई मुद्दे को भी उजागर करती है। साथ ही पुरुषवादी सोच पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई है।

फिल्म के कुछ डायलॉग हिंदी और कुछ उर्दू में हैं। यह फिल्म की एक प्लस पॉइंट है।

अलावा अन्नू कपूर ने इस फ़िल्म के कुछ गानों को आवाज़ भी दी है जो अच्छी है।

फिल्म में कुछ किरदार काफी अच्छे हैं। इसमें पार्थ का अभिनय अच्छा है और वो एक कॉंफिडेंट अभिनेता की तरह स्क्रीन पर छाप छोड़ते हैं।

इसके अलावा अभिनेत्री अश्विनी और अंकिता अपने किरदार में अच्छी है, उन्होंने अच्छा काम किया है।

फिल्म में कव्वाली और एक रोमांटिक गाना भी है जो काफी अच्छा है। दर्शकों को नीरस होने से बचाता है।

Updated on:
25 Jun 2024 12:25 pm
Published on:
25 Jun 2024 11:46 am
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