
Hanuman Ansh Box Office Collection: बॉलीवुड में किसी फिल्म की सफलता का पैमाना अक्सर उसके स्टारकास्ट और बड़े बजट से लगाया जाता है। माना जाता है कि जितना बड़ा सितारा और जितना ज्यादा पैसा फिल्म पर खर्च होगा, उसकी कमाई की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होगी। लेकिन हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने इस सोच को गलत साबित किया। इन फिल्मों ने सीमित बजट में तैयार होकर बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों रुपये बटोरे और मेकर्स को जबरदस्त रिटर्न दिया। मौजूदा समय में 'हनुमान अंश' इसका सबसे चर्चित उदाहरण बनकर सामने आई है।
शोभिनाव सतैया और चंदन आनंद स्टारर ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त चर्चा में है। नीम करौली बाबा की बायोपिक बताई जा रही इस फिल्म ने अपनी रिलीज के बाद उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रदर्शन किया है। उपलब्ध ट्रेड रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये के आसपास है, जबकि 31वें दिन तक इसका भारत में नेट कलेक्शन 122.13 करोड़ रुपये पहुंच गया। खास बात यह है कि 31वें दिन फिल्म ने अपना अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे कलेक्शन दर्ज किया। ऐसे में निवेश और कमाई के अनुपात को देखें तो फिल्म ने अपने बजट का करीब 60 गुना से ज्यादा कारोबार कर लिया है।
कम बजट में बड़ी सफलता हासिल करने वाली फिल्मों में ‘भेजा फ्राई’ का नाम भी खास तौर पर लिया जाता है। 2007 में आई इस कॉमेडी फिल्म में बड़े सुपरस्टार नहीं थे, फिर भी इसकी कहानी और कलाकारों के प्रदर्शन ने दर्शकों को खूब हंसाया। फिल्म के बजट को लेकर अलग-अलग आंकड़े मिलते हैं। कुछ पुराने स्रोत इसे करीब 60 लाख रुपये बताते हैं, जबकि दूसरी रिपोर्ट्स में बजट लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं फिल्म ने करोड़ों का कारोबार किया। इसलिए इसे कम लागत और बड़ी कमाई वाली फिल्मों की सूची में शामिल किया जाता है, लेकिन इसके बजट का आंकड़ा बताते समय स्रोतों में अंतर बताना जरूरी है।
आयुष्मान खुराना की पहली फिल्म ‘विकी डोनर’ भी कम बजट की बड़ी सफल फिल्मों में शामिल है। फिल्म लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत में तैयार हुई और करीब 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार करने में कामयाब रही। फिल्म की अनोखी कहानी और नए चेहरे ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की।
विद्या बालन की ‘कहानी’ भी इस सूची में मजबूत दावेदार है। लगभग 8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस थ्रिलर ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया। फिल्म की कहानी, रहस्य और विद्या बालन की दमदार अदाकारी ने इसे बड़ी व्यावसायिक सफलता में बदल दिया।
नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर की ‘ए वेडनसडे!’ करीब 5 करोड़ रुपये के बजट में बनी और लगभग 30 करोड़ रुपये का कारोबार करने में सफल रही। वहीं ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ करीब 6 करोड़ रुपये की लागत वाली फिल्म थी, जिसने लगभग 21 करोड़ रुपये कमाए। दोनों फिल्मों ने साबित किया कि दर्शकों को आकर्षित करने के लिए हमेशा बड़े बजट की जरूरत नहीं होती।
इन फिल्मों की कहानियां एक बात साफ करती हैं—बॉक्स ऑफिस पर असली खेल बजट का नहीं, बल्कि कंटेंट और दर्शकों से जुड़ने की क्षमता का भी होता है। ‘हनुमान अंश’ की मौजूदा सफलता इसी बात को एक बार फिर साबित करती नजर आ रही है।