Madhubala अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाती रहीं, वहीं अपने अंतिम दिनों में उन्हें बेहद दर्द सहना पड़ा था।
भारतीय सिनेमाजगत में आजतक madhubala जैसी खूबसूरत अदाकारा पैदा नहीं हुई है। मधुबाला की अदाकारी ही नहीं उनकी दिलकश अदाओं के भी लोग दीवाने थे। मधुबाला का जन्म 14 फरवरी, 1933 को हुआ था। उन्होंने इस इंडस्ट्री को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। लेकिन एक और जहां वह अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में जगह बनाती रहीं वहीं अपने अंतिम दिनों में मधुबाला को बेहद दर्द सहना पड़ा था।
मधुबाला एक ऐसी Heroine रहीं हैं जिनके चर्चे Bollywood ही नहीं बल्कि विदेशों और हॉलीवुड में भी फैले हुए थे। क्या आप जानते हैं ऑस्कर अवॉर्ड विनर निर्देशक फ्रैंक कापरा मधुबाला को हॉलीवुड में ब्रेक देने का मन भी बना चुके थे। लेकिन मधुबाला बस बॉलीवुड पर राज करना चाहती थीं। जहां बॅालीवुड इंडस्ट्री ने उन्हें शोहरत दी वहीं मधुबाला कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो गई थीं। मधुबाला को तो अपनी इन बीमारियों का अहसास भी नहीं था। एक दिन काल ने खुद ही मधुबाला के दर पर दस्तक दे दी और 36 साल की कम उम्र में ही वह इस दुनिया से चल बसीं।
आपको बता दें, मधुबाला को एक या दो नहीं बल्कि कई गंभीर बीमारियां थीं, जिनके चलते ना सिर्फ मधुबाला का करियर खत्म हो गया। मधुबाला के न सिर्फ दिल में छेद था बल्कि फेफड़ों में भी परेशानी थी। इसके अलावा उन्हें एक और गंभीर बीमारी थी जिसमें उनके शरीर में आवश्यक मात्रा से ज्यादा खून बनने लगता था और ये खून उनकी नाक और मुंह से बाहर आता था। ये खून तब तक निकलता रहता जब तक कि उसे शरीर से ना निकाल दिया जाए।
अपनी इन बीमारियों से मधुबाला काफी समय तक लड़ती रहीं। हालत इतनी खराब थी कि डॉक्टर रोज घर आते और मधुबाला के शरीर से कई बोतल खून निकालकर ले जाते ताकि खून निकलना बंद हो जाए। लेकिन उनकी यह तकलीफ कम नहीं हुई। हर वक्त वो खांसती रहतीं और बलगम निकलता रहता। एक वक्त ऐसा भी आया जब मधुबाला का सांस लेना मुश्किल हो गया और हर चार घंटे में उन्हें ऑक्सीजन देनी पड़ती थी। मधुबाला को नौ साल तक बिस्तर में पड़ी रहीं और अंत में उनकी मौत हो गई।