Elnaaz Norouzi On Ali Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की कथिक मौत के बाद उनके बेटे को सर्वोच्च नेता चुना गया है। अब इसी पर बॉलीवुड अभिनेत्री ने जमकर हमला बोला है।
Elnaaz Norouzi On Ali Khamenei Death: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की कथित मौत के बाद देश की कमान उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सौंपे जाने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। बताया जा रहा है कि ये फैसला ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा लिया गया। हालांकि इस फैसले को लेकर देश के भीतर और बाहर दोनों जगह सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच ईरानी मूल की अभिनेत्री एलनाज नोरौजी ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। भारत में भी लोकप्रिय चेहरा बन चुकीं एलनाज, जिन्होंने वेब सीरीज 'सेक्रेड गेम्स' से पहचान बनाई, उन्होंने कहा कि ईरान में शीर्ष नेतृत्व जनता के सीधे वोट से तय नहीं होता। उनके मुताबिक, पिछले करीब पांच दशकों से यही व्यवस्था चली आ रही है।
एलनाज का कहना है कि आम ईरानी नागरिक लंबे समय से ये मांग करते आए हैं कि उन्हें अपने नेता को चुनने का अधिकार मिले। उन्होंने 2009 के उन बड़े प्रदर्शनों का जिक्र किया जब लाखों लोग सड़कों पर उतरे थे और चुनावी पारदर्शिता की मांग की थी। उस दौर में “हमारा वोट कहां है” जैसे नारे वैश्विक सुर्खियां बने थे।
अभिनेत्री का मानना है कि मौजूदा सत्ता परिवर्तन में भी आम लोगों की कोई भूमिका नहीं रही। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कई ईरानी नागरिक नए नेतृत्व से अनजान हैं। एलनाज ने यह साफ किया कि ईरान की जनता और वहां की सत्ताधारी व्यवस्था को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
हालात तब और गंभीर हो गए जब अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त अभियान में अली खामेनेई के मारे जाने की खबर सामने आई। इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिससे तनाव और बढ़ गया। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी कि जो भी नेता इजराइल के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाएगा, उसे निशाना बनाया जा सकता है।
एलनाज नोरौजी, जो इन दिनों भारत में एक गेम शो की मेजबानी कर रही हैं, उन्होंने ये भी कहा कि वो फिलहाल अपने देश नहीं लौट सकतीं। उनका कहना है कि सरकार की आलोचना करने के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। उन्होंने 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान ईरान की ओर खींचा था।
एलनाज का मानना है कि ज्यादातर ईरानी नागरिक लोकतांत्रिक सुधार चाहते हैं। उनका दावा है कि अगर मौजूदा संघर्ष में आम लोगों को नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी उन नेताओं पर होगी जिन्होंने सालों से विरोध के बावजूद सत्ता नहीं छोड़ी।