बॉलीवुड

Kishore Kumar Birth Anniversary: किशोर कुमार बने किंग ऑफ सुपरहिट सॉन्ग, उनके लिए मोहम्मद रफी ने दी थी आवाज, आपातकाल में लगा था बैन

सन 1975 में देश में लगाए गए इमरजेंसी के दौरान दिल्ली में एक कल्चरल प्रोग्राम में उन्हें गाने का इन्विटेशन मिला। किशोर कुमार ने पारिश्रमिक मांगा तो आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गायन को प्रतिबंधित कर दिया गया।

2 min read
Aug 04, 2024

हरदिल अजीज कलाकार किशोर कुमार कई बार विवादों का भी शिकार हुए। सन 1975 में देश में लगाए गए इमरजेंसी के दौरान दिल्ली में एक कल्चरल प्रोग्राम में उन्हें गाने का इन्विटेशन मिला। किशोर कुमार ने पारिश्रमिक मांगा तो आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनके गायन को प्रतिबंधित कर दिया गया।

7 भाषाओँ के फिल्मों में दी अपनी आवाज

आपातकाल हटने के बाद पांच जनवरी 1977 को उनका पहला गाना बजा ..दुखी मन मेरे सुन मेरा कहना जहां नहीं चैना वहां नहीं रहना..। किशोर कुमार को उनके गाए गानों के लिए आठ बार फिल्म फेयर अवार्ड मिला। किशोर कुमार ने अपने पुरे फिल्मी करियर में 600 से भी अधिक हिन्दी फिल्मों के लिये अपनी आवाज दी। उन्होंने बंगला, मराठी, असमी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी और उड़िया फिल्मों में भी अपनी शानदार आवाज से ऑडियंस का दिल जीत लिया।

सिर्फ 1 रुपए लेते थे फीस

किशोर कुमार ने कई अभिनेताओं को अपनी आवाज दी लेकिन कुछ मौकों पर मोहम्मद रफी ने उनके लिये गीत गाये थे। इन गीतो में ..हमें कोई गम है तुम्हें कोई गम है ,चले हो कहां कर के जी बेकरार , मन बाबरा निस दिन जाये ,अजब है दास्तां तेरी ये जिंदगी, अपनी आदत हैं सबको सलाम करना शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि मोहम्मद रफी, किशोर कुमार के लिये गीत गाने के वास्ते महज एक रुपया पारिश्रमिक लिया करते थे।

दूध जलेबी खायेंगे, खंडवा में बस जायेंगे

वर्ष 1987 में किशोर कुमार ने निर्णय लिया कि वह फिल्मों से संन्यास लेने के बाद वापस अपने गांव खंडवा लौट जायेंगे। वह अक्सर कहा करते थे कि …दूध जलेबी खायेंगे, खंडवा में बस जायेंगे ..लेकिन उनका यह सपना अधूरा ही रह गया। उन्हें 13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ा और वह इस दुनिया को अलविदा कह गये।

Updated on:
04 Aug 2024 11:49 am
Published on:
04 Aug 2024 11:43 am
Also Read
View All

अगली खबर