बॉलीवुड

‘फेल होने का डर भारत को पीछे खींच रहा है’, ‘रामायण’ के इंद्र देव के रोल में दिखने वाले कुणाल कपूर ने कही बड़ी बात

Kunal Kapoor On Ramayana: बॉलीवुड अभिनेता कुणाल कपूर जो अपकमिंग फिल्म 'रामायण' में इंद्र देव के किरदार में नजर आने वाले हैं, उन्होंने हाल ही में देश को लेकर कई अहम मुद्दों पर बात की है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
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Updated: 29 Oct 2026, 3:21 PM IST
Kunal Kapoor
कुणाल कपूर (फोटो सोर्स- IMDb)

Kunal Kapoor On Ramayana: फिल्म ‘रामायण’ में इंद्र देव की भूमिका निभाने वाले अभिनेता कुणाल कपूर ने असफलता के डर को लेकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि भारत को आगे बढ़ने से रोकने वाली बड़ी वजहों में से एक असफल होने का डर है। अभिनेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा नोट साझा करते हुए बताया कि किस तरह बचपन से ही लोगों के मन में असफलता को लेकर डर बैठा दिया जाता है। उनके मुताबिक, यह डर कई बार लोगों को अपनी जिंदगी में जरूरी बदलाव करने से भी रोकता है।

असफलता को लेकर समाज की सोच पर उठाए सवाल

कुणाल कपूर ने अपने पोस्ट में लिखा कि बच्चों को कम उम्र से ही असफलता से डरना सिखाया जाता है। परीक्षा में फेल होना कई विद्यार्थियों को दुनिया खत्म होने जैसा लगने लगता है। इसी तरह, कुछ लोग ऐसे रिश्तों में बने रहते हैं जिनमें सब कुछ ठीक नहीं होता, क्योंकि उन्हें लगता है कि रिश्ता खत्म करना उनकी नाकामी होगी।

अभिनेता ने नौकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोग ऐसी जगह काम करते रहते हैं, जहां वे खुश नहीं हैं। इसकी वजह यह डर है कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें दूसरी नौकरी मिलेगी या नहीं। कुणाल के मुताबिक, समाज में असफल होने से जुड़ी शर्म कई बार उस स्थिति में बने रहने से भी ज्यादा भारी लगती है, जिसमें व्यक्ति आगे नहीं बढ़ पा रहा होता।

पीढ़ियों से चला आ रहा है असफलता का डर

कुणाल कपूर ने यह भी माना कि इस सोच को बदलना आसान नहीं है, क्योंकि इसकी जड़ें पुरानी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में हैं। उन्होंने लिखा कि पिछली पीढ़ियों ने सीमित अवसरों और संसाधनों की कमी के बीच जीवन बिताया। जब परिवार के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही प्राथमिकता हो, तब जोखिम लेना एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

हालांकि, अभिनेता का कहना है कि अगर देश को आगे बढ़ना है, तो लोगों को गलतियां करने और उनसे सीखने का अवसर देना होगा। उनके मुताबिक, केवल महत्वाकांक्षी बनने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसा माहौल भी जरूरी है, जहां असफलता को जिंदगी भर का दाग न माना जाए।

बदलाव की शुरुआत घर से हो सकती है

कुणाल ने अपनी बात में बच्चों और आसपास के लोगों के प्रति व्यवहार का भी जिक्र किया। उनका मानना है कि जब कोई बच्चा या व्यक्ति असफल होता है, तो उस पर कैसी प्रतिक्रिया दी जाती है, इससे उसके आत्मविश्वास पर असर पड़ता है। अगर हर गलती पर उसे शर्मिंदा किया जाएगा, तो वह आगे जोखिम लेने से बच सकता है।

अभिनेता ने किसी खास व्यक्ति, घटना या परियोजना का नाम लेकर यह बात नहीं कही। उनका संदेश असफलता को देखने के सामाजिक नजरिये पर केंद्रित था। सोशल मीडिया पर एक प्रशंसक ने उन्हें ‘लॉर्ड इंद्र’ कहते हुए उनकी बात की तारीफ की, जिस पर कुणाल ने हाथ जोड़ने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।

‘रामायण’ में निभाएंगे इंद्र देव की भूमिका

कुणाल कपूर जल्द ही निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में इंद्र देव के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा लारा दत्ता, सनी देओल, रवि दुबे, शीबा चड्ढा और अरुण गोविल भी अहम भूमिकाओं में हैं।

फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। पहला भाग दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में आने वाला है, जबकि दूसरा भाग 2027 में रिलीज होने की योजना है।

Updated on:
29 Oct 2026, 3:21 PM IST
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