
नई दिल्ली। बॉलीवुड को दिलीप कुमार ने अपने छह दशक दिए हैं और इतने लंबे करियर उनहोंने केवल 63 फ़िल्में में ही काम किया। लेकिन बस इतनी फिल्मों से ही उन्होंने हिंदी सिनेमा में अभिनय की एक अलग परिभाषा दी। एक बार जब दिलीप कुमार से पुछा गया कि क्या उनका सपना अभिनेता ही बनना था? तो उनका जवाब था कि वो एक ज़माने में भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ी बनने का सपना देखते थे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
दिलीप ने अपनी पढाई खालसा कॉलेज से की। उनके साथ पढ़ने वालों में से राज कपूर भी थे। राज कपूर पारसी लड़कियों के साथ फ़्लर्ट करने में अक्सर व्यस्थ रहते थे, दिलीप एक कोने में बैठकर शरमाया करते थे। किसे पता था कि एक दिन दिलीप कुमार भारत के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बनेंगे? और अभिनय की नई परिभाषा लिख देंगे। बहुमुखी की प्रतिभा के धनी दिलीप कुमार के अभिनय में कुछ अलग बात थी, जो आज शायद किसी के अभिनेता में देखने को नहीं मिलती।
दिलीप हमेशा कहते हैं कि मधुबाला बहुत ही जीवंत और फ़ुर्तीली महिला थीं, उन्होंने बताया कि मधुबाला ने मुझ जैसे शर्मीले शख्स से बात करने में कोई परेशानी नहीं होती थी। उनकी जोड़ी आदर्श थी लेकिन मधुबाला के पिता के कारण यह प्रेम कथा बहुत दिनों तक नहीं चल पाई। जब बीआर चोपड़ा के साथ 'नया दौर' पिक्चर को लेकर कोर्ट केस हो गया, तो मेरे वालिद और दिलीप साहब के बीच मनमुटाव हो गया।" जब अदालत में उनके बीच समझौता भी हो गया। दिलीप साहब ने मधुबाला से कहा कि चलो हम लोग शादी कर लें। इस पर मधुबाला ने कहा कि शादी मैं ज़रूर करूंगी लेकिन पहले आप मेरे पिता को 'सॉरी' बोलें। लेकिन दिलीप कुमार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद इन दोनों के बीच ब्रेकअप हो गया।"
'मुग़ले आज़म' फिल्म बनने के बीच नौबत यहां तक आ गई कि दोनों के बीच बात तक बंद हो गई थी। 'मुग़ले आज़म' का वह क्लासिक पंखों वाला रोमांटिक दृश्य तब फ़िल्माया गया था, जब मधुबाला और दिलीप कुमार ने एक दूसरे को सार्वजनिक रूप से पहचानना तक बंद कर दिया था।
जब सायरा बानो से दिलीप कुमार की शादी हुई उसके बाद मधुबाला बहुत बीमार थीं, तो उन्होंने दिलीप कुमार को संदेश भिजवाया कि वह उनसे मिलना चाहती हैं। जब दिलीप उनसे मिलने गए, तब तक वह बहुत कमज़ोर हो चुकी थीं। दिलीप कुमार उनकी हालत देखकर बहुत दुखी हुए। हमेशा हँसने वाली मधुबाला के होठों पर उस दिन बहुत कोशिश के बाद एक फीकी सी मुस्कान ही आई। अपनी आखरी मुलाकात में मधुबाला ने उनकी आंखों में देखते हुए कहा, "हमारे शहज़ादे को उनकी शहज़ादी आखिरकार मिल ही गई, मैं तुम्हारे लिए बहुत ख़ुश हूं।" 23 फ़रवरी, 1969 को महज़ 35 साल की उम्र में मधुबाला का निधन हो गया।