बॉलीवुड

Third Day Box office collection: जानें ‘लव सोनिया’ ने तीसरे दिन की कितनी कमाई

निर्माता-निर्देशक तबरेज नूरानी ने 'लव सोनिया' से पहली बार निर्देशन में कदम रखा है। इसकी कहानी ह्यूमन ट्रेफीकिंग से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित है।
2 min read
Sep 17, 2018
Love Sonia
Love Sonia

राजकुमार राव, मनोज बाजपेयी, ऋचा चड्ढा, फ्रिडा पिंटो और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म 'लव सोनिया' 14 सितंबर को रिलीज की गई है। फिल्म का हार्ड एंड हिट सबजेक्ट, जो कि दिल दहला देने वाला है। इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग सभी सेलेब्स को काफी पसंद आई थी। उनका कहना था कि इसमें अहम मुद्दे को दर्शाया गया है, जिसके बारे में हर किसी को जागरूक होना चाहिए। लेकिन इसे दर्शक बॉक्स ऑफिस पर नकारते हुए दिख रहे हैं। पहले दिन इस फिल्म ने करीब 30 लाख की कमाई की थी। इसके दूसरे और तीसरे दिन भी कुछ खास कमाई नहीं कर पाई। माना जा रहा है कि बाकी दोनों दिनों का कलेक्शन मिलाकर इसे अभी तक करीब1 करोड़ तक का कलेक्शन किया है।

कई साल की गई थी रिसर्च

निर्माता-निर्देशक तबरेज नूरानी ने 'लव सोनिया' से पहली बार निर्देशन में कदम रखा है। इसकी कहानी ह्यूमन ट्रेफीकिंग से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जो 7-8 साल की रिसर्च के बाद बनी है। पूरी रिसर्च में तबरेज का अहम योगदान है। पिछले 2 सालों में यह फिल्म बहुत सारे नेशनल और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई है, जहां इसे काफी सराहा गया। इस फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि जब कोई इस व्यापार को चुनता है तो क्यों चुनता है। इसके पीछे उसकी क्या मजबूरी है। वह अपने आप से इस व्यवसाय को चुनता है या फिर उसे जबरन इसमें ढकेला जाता है। इस में यह भी दिखाया गया है कि भारत में रोजाना लगभग 270 महिलाएं और लड़कियां गायब होती हैं। जो कहीं ना कहीं ह्यूमन ट्रैफिकिंग के तहत फंसी होती हैं।

कहानी
फिल्म 'लव सोनिया' की कहानी की शुरुआत कर्ज के बोझ तले दबे किसान के घर से शुरू होती है। किसान शिवा (आदिल हुसैन) अपने कर्ज का निपटारा करने के लिए दादा ठाकुर (अनुपम खेर) के साथ ह्यूमन ट्रैफिकिंग के तहत अपनी बेटी प्रीति का सौदा कर देता है। सोनिया को जब बहन प्रीति के बारे में पता चलता है, तो वह उसे खोजने लिए देह व्यापार की घिनौनी दुनिया में प्रवेश कर जाती है। यहां बहन को बचाने के बजाय वह भी उसी जाल में फंस जाती है। इसके बाद सोशल वर्कर मनीष (राजकुमार राव) सोनिया (मृणाल ठाकुर) को बचाने के लिए जान की बाजी लगा देता है। तो इसके आगे की कहानी को जानने के लिए आपको कि इसके अंत में क्या होता है वे दोनों बहनें बच पाती हैं या नही। इसको जानने के लिए और फिल्म की कहानी को पूरी तरह से जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रुख लेना होगा।

Updated on:
17 Sept 2018 01:45 pm
Published on:
17 Sept 2018 01:26 pm
Also Read
View All
‘मुझे लगा मैं मरने वाली हूं’, कैंसर की खबर ने तोड़ दिया था मनीषा कोइराला को, बोलीं- ‘वो रात ‘सबसे अकेली और लंबी थी’

Batwara 1947 First Review: जज्बातों से भरी सनी देओल-प्रीति जिंटा की फिल्म ‘बंटवारा’, पहला रिव्यू आया सामने

परवीन बाबी के लिए पिता कबीर बेदी के मां को छोड़ने पर पूजा बेदी ने की बात, बोलीं- दो लोगों ने तीसरे शख्स को अपने रिश्ते में आने दिया

राहुल गांधी को ‘डंबल’ बुलाने के बाद पलटीं कंगना रनौत, इंस्टाग्राम से हटा दीं तस्वीरें, ‘इटैलियन मां’ कमेंट पर भी विवाद

“मुंह में हड्डी दबाए बैठे हैं सेलिब्रिटीज”, नसीरुद्दीन शाह के बयान पर कंगना का पलटवार, झारखंड आंदोलन पर दिया बयान