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Manto Movie Trailer: दिखाया गया है आजादी का दौर, मंटो की लेखनी इसी दौर की है

मंटो का जन्‍म 11 मई 1912 को हुआ था। मंटो ने भारत-पाकिस्तान के विभाजन और समाज पर तमाम कहानियां लिखी हैं

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Aug 15, 2018
Nawazuddin Siddiki

स्‍वतंत्रता द‍िवस के मौके पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फ‍िल्‍म 'मंटो' का ट्रेलर रिलीज किया गया है। हाल ही में इसका टीजर भी जारी किया गया है। इसे फैंस अच्छा रिस्पांस भी दे रहा हैं। यह फ‍िल्‍म एक पीरियड ड्रामा होने के साथ ही विवादित उर्दू लेखक सादत हसन मंटो की बायोप‍िक है। मंटो का जन्‍म 11 मई 1912 को हुआ था। इस मूवी के ट्रेलर को भी दर्शक बेहद अच्छा रिस्पांस दे रहे हैं। साथ ही यह यूट्यूब पर तेजी से वायरल भी हो रहा है।

मंटो काटते हैं अदालत के चक्कर

अगर मूवी के इस ट्रेलर की बात करें तो इसमें सआदत हसन मंटो का किरदार निभा रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी अदालत के चक्कर काटते हुए दिख रहे हैं। उनका लेखन काफी विवादित होता था। वह उर्दू के सबसे फेमस लेखक हैं। जिन्होंने आजादी के दौर के बारे में चर्चा की है। जहां टीजर में जमदार डायलॉग सुनने के लिए मिले थे वहीं ट्रेलर भी उससे कम नहीं है। बता दें कि ट्रेलर महिलाओं पर भी आधारित है। इसमें महिलाओं के शोषण को भी दिखाया गया है।

इस दिन होगी रिलीज

फिल्म 'मंटो' को डायरेक्‍टर नंदिता दास निर्देशित कर रही हैं। इसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अलावा परेश रावल, ऋषि कपूर और ताहिर राज भसीन भी अहम भूमिकाओं में हैं। साथ ही एक्ट्रेस रसिका दुग्गल नवाजुद्दीन की पत्नी का रोल निभाते हुए नजर आएंगी। वहीं अगर मंटो के बारे में बात करें तो वह आजादी के दौर के विवादित लेखक थे। मंटो ने भारत-पाकिस्तान के विभाजन और समाज पर तमाम कहानियां लिखी हैं और साहित्‍य प्रेमियों के बीच उनकी कृतियां आज भी मशहूर हैं। कहानियों में अश्लीलता के आरोप की वजह से मंटो को छह बार अदालत भी जाना पड़ा था। इनमें से तीन बार पाकिस्तान बनने से पहले उन पर केस हुआ और तीन बार विभाजन के बाद। हालांकि उन पर एक भी बार मामला साबित नहीं हो पाया। बता दें कि मंटो की ये बायोपिक 21 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

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Published on:
15 Aug 2018 07:00 pm
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