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शर्मिला टैगोर पर मुकेश खन्ना का फूटा गुस्सा, वंदे मातरम विवाद पर बोले- मुस्लिम संग शादी के बाद याद आया दूसरा धर्म

Mukesh Khanna Slams Sharmila Tagore: मुकेश खन्ना ने 'वंदे मातरम' पर दिए शर्मिला टैगोर के बयान पर बेबाक बयान दिया है। उन्होंने अभिनेत्री की मुस्लिम धर्म में शादी पर भी बात की और उन्हें आयशा बेगम कहकर संबोधित किया।
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Sep 04, 2026
Mukesh Khanna angry on Sharmila Tagore Vande Mataram remark
मुकेश खन्ना ने शर्मिला टैगोर पर साधा निशाना (Photo Source- Twitter/ANI)

Mukesh Khanna On Sharmila Tagore Vande Mataram: 'महाभारत' में भीष्म पितामह और 'शक्तिमान' जैसी भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने 'वंदे मातरम' पर दिए अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बयान पर बड़ा हमला बोला है। मुकेश खन्ना ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें शादी के बाद ही पता चला कि इस्लाम भी मौजूद है? बेगम बनने के बाद ही शर्मिला टैगोर को एहसास हुआ कि मुसलमान एक अलग धर्म का पालन करते हैं? क्या वह हिंदू धर्म भूल गई हैं...

मुकेश खन्ना ने शर्मिला टैगोर के बयान पर क्या कहा?

मुकेश खन्ना ने 'फ्री प्रेस जर्नल' संग खास बातचीत की। इस दौरान उनसे शर्मिला टैगोर के उस कथित विचार के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए 'वंदे मातरम' के केवल शुरुआती श्लोक ही गाए जाने चाहिए। 

मुकेश खन्ना ने कहा, "वह अपनी समझ के अनुसार बोल रही है। मुझे नहीं पता उसने ऐसा क्यों कहा। शायद अपने दृष्टिकोण को समझाते हुए उसने यह कह दिया कि दूसरे धर्मों के लोग इसे समझ या स्वीकार नहीं कर पाएंगे।" इसके बाद मुकेश ने शर्मिला की पटौदी परिवार में शादी का मुद्दा उठाया और इस मुद्दे पर उनके रुख पर सवाल उठाते हुए उन्हें "आयशा बेगम" कहकर संबोधित किया।

मुकेश खन्ना ने कहा, "क्या आपको शादी के बाद ही पता चला कि इस्लाम भी अस्तित्व में हैं? बेगम बनने के बाद ही आपको एहसास हुआ कि मुसलमान एक अलग धर्म का पालन करते हैं? शादी के बाद आप आयशा बेगम बनीं, लेकिन आज आप आयशा बेगम के रूप में बोल रही हैं। मुझे आश्चर्य है कि हिंदू धर्म में पूरा जीवन बिताने के बाद आप अचानक अन्य धर्मों के बारे में चिंतित हो गई हैं," 

बंगाली जड़ों का जिक्र

मुकेश खन्ना ने आगे शर्मिला टैगोर की बंगाली जड़ों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि उनके अनुसार इस तरह की चिंताएं अब क्यों उभरकर सामने आई हैं। "आप बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां काली की पूजा इतने बड़े पैमाने पर होती है। आप बंगाली संस्कृति और बंगाली फिल्मों के बीच पली-बढ़ी हैं। अब आपको ऐसा क्यों लग रहा है कि दूसरे धर्म के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे?" 

मुकेश खन्ना ने की हिंदू धर्म की व्याख्या

मुकेश खन्ना ने इस सुझाव से भी असहमति जताई कि हिंदू धर्म में अनेक अलग-अलग देवताओं की पूजा शामिल है। उन्होंने कहा, "हमारे पास 33 करोड़ देवी-देवता हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि 33 करोड़ भगवान हैं। एक ही भगवान हैं, जो निराकार हैं, जिनका कोई रूप नहीं है। एक भक्त उस भगवान को हनुमान, शिव, राम या कृष्ण में देख सकता है।"

मुकेश खन्ना ने आगे लता मंगेशकर, हेमंत कुमार और एआर रहमान से जुड़े संस्करणों सहित वंदे मातरम के विभिन्न संगीतमय प्रस्तुतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने खास तौर पर एआर रहमान के गीत 'मां तुझे सलाम' का जिक्र किया और कहा कि यह गीत मातृभूमि को सलाम करने के भाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, "हम भारत माता के सामने नतमस्तक होते हैं। अगर कोई नतमस्तक नहीं होना चाहता, तो ठीक है, हम उन्हें नतमस्तक होने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। लेकिन फिर यह कहना कि वंदे मातरम गाया ही नहीं जाना चाहिए, यह बात मेरी समझ से परे है।"

'तुष्टीकरण की राजनीति'

मुकेश ने इस विवाद के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक तुष्टीकरण की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "आप किसी सिद्धांत का पालन नहीं कर रहे हैं, आप तुष्टीकरण का पालन कर रहे हैं। आप मुसलमानों को यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि आप अब भी उनके साथ हैं ताकि वे आपको वोट दें। यही पूरी समस्या है।" 

Updated on:
04 Sept 2026 08:37 am
Published on:
04 Sept 2026 08:22 am