नाना पाटेकर के 'नाम फाउंडेशन' ने अभिनेत्री तनुश्री दत्ता पर 25 करोड़ रुपए की मानहानि का केस दर्ज करते हुए कुछ ना करने का प्रतिबंध लगवाया...
'मीटू' MeToo के तहत मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर nana patekar पर गलत ढंग से छूने का आरोप लगाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता tanushree dutta पर 25 करोड़ रुपए के मानहानि का मुकद्दमा दर्ज होने के बाद बुधवार को दूसरी गाज गिरी है। दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट ने तनुश्री पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 'नाम फाउंडेशन' पर किसी भी तरह के आरोप लगाने पर रोक लगा दी है। बता दें कि यह फाउंडेशन नाना पाटेकर का है और इसी फाउंडेशन ने तनुश्री पर 25 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकद्दमा ठोका था।
हालांकि, सुनवाई के दौरान तनुश्री कोर्ट में उपस्थित नहीं थीं, जिसके बाद न्यायमूर्ती एके मेनन ने एनजीओ को राहत दी। तनुश्री पहले इस एनजीओे पर भ्रष्टचार सहित कई तरह के आरोप लगा चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे 2015 में शुरू किए गए 'नाम फाउंडेशन' ने कहा कि उनका एनजीओ लगातार सूखे से प्रभावित इलाकों में किसानों की बेहतरी की दिशा की तरफ काम कर रहा है, लेकिन तनुश्री ने जनवरी, 2020 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके एनजीओ पर आरोप लगाए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
तनुश्री के मुताबिक, उनके साथ 10 साल पहले 'हॉर्न ओके प्लीज' के सेट पर बदतमीजी हुई थी। फिल्म में उनके साथ नाना पाटेकर थे। उनके इस खुलासे के बाद बॉलीवुड में हड़कंप मच गया था। इसके बाद कई एक्ट्रेसेस ने खुलकर 'मीटू' का समर्थन किया और अपने साथ हुए गलत व्यवहार को लेकर खुलासे किए थे।