हाल ही एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि एनसीबी ने दीपिका ( Deepika Padukone ), उनकी पूर्व मैनेजर करिश्मा प्रकाश ( Karisham Prakash ), सारा ( Sara Ali Khan ) , श्रद्धा ( Shraddha Kapoor ) सहित बाकियों को ड्रग्स मामले में क्लीन चिट दे दी है। इसी के मद्देनजर जांच एजेंसी ने अपनी टिप्पणी दी है।
मुंबई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बुधवार को बॉलीवुड अभिनेत्रियों दीपिका पादुकोण ( Deepika Padukone ), श्रद्धा कपूर ( Shraddha Kapoor ) और सारा अली खान ( Sara Ali Khan ) सहित अन्य किसी को भी क्लीन चिट दिए जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। इन सभी से अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ( Sushant Singh Rajput ) की मौत के मामले में सामने आए ड्रग एंगल को लेकर पूछताछ की जा रही है। NCB ने इन्हें क्लीन चिट दिए जाने के दावों को झूठा बताया है।
एनसीबी ने रिपोर्ट को नकारा
एक मीडिया रिपोर्ट में हाल ही में यह दावा किया गया कि एनसीबी ने दीपिका, उनकी पूर्व मैनेजर करिश्मा प्रकाश, सारा, श्रद्धा सहित बाकियों को ड्रग्स से संबंधित मामले में क्लीन चिट दे दी है। इसी के मद्देनजर जांच एजेंसी ने अपनी टिप्पणी दी है। एनसीबी ने शनिवार को मुंबई में दीपिका, श्रद्धा और करिश्मा से उनके उस व्हाट्सअप चैट पर घंटों पूछताछ की, जिनमें कथित तौर पर ड्रग्स को लेकर बात की गई थी। इसी दिन एनसीबी ने सारा से पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की।
एनसीबी ने अपनी जांच के सिलसिले में शुक्रवार को अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ( Rakul Preet Singh ) से भी चार घंटे तक पूछताछ की। हालांकि इनसे पूछताछ के बाद प्राप्त निष्कर्षों के बारे में एजेंसी ने अब तक कोई खुलासा नहीं किया है।
बिहार सीएम से मिले सुशांत के पिता
इस बीच सुशांत सिंह के पिता केवल कृष्ण सिंह और उनके परिवार के सदस्य बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, सुशांत के पिता के.के. सिंह ने करीब 45 मिनट तक मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की। सिंह ने मुख्यमंत्री से सुशांत मामले में न्याय दिलाने का निवेदन किया है। सुशांत के पिता के साथ सुशांत की बहन और बहनोई भी थे।
उल्लेखनीय है कि सुशांत का शव उनके मुंबई स्थित आवास में पाया गया था। शुरुआत में मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही थी। इसके बाद इस मामले में सुशांत के पिता ने पटना के राजीवनगर थाना में एक मामला दर्ज करवाया। बाद में स्थानीय लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की अनुशंसा कर दी थी। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।