
संजय लीला भंसाली की फिल्म पर विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। फिल्म को सेन्सर बोर्ड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक से रिलीज के लिए हरी झंडी मिल चुकी है लेकिन उसके बावजूद फिल्म की रिलीजिंग आसान नही लग रही है।
बता दे कि बिहार में करणी सेना के कार्यकताओं ने सिनोमाघरों को फिल्म ‘पद्मावत’ की एडवांस बुकिंग बंद करने पर मजबूर कर दिया है। पटना में करणी सेना के कार्यकर्ताओं के विरोध और धमकी के मद्देनजर सिनेमाघरों ने फिल्म की ऑनलाइन बुकिंग करनी बंद कर दी है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘करणी सेना के डर से सिनेपोलिस ने न सिर्फ ‘पद्मावत’ की बुकिंग बंद कर दी, बल्कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा कर्मचारियों को धमकाने के बाद हो चुकी 50 बुकिंग रद्द भी कर दी।’’
तीन अन्य सिनोमाघर जो विवादित फिल्म को प्रदर्शित करने के लिए तैयार हैं, उन्होंने अब तक लोगों को संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म की एडवांस बुकिंग के बारे में सूचित नहीं किया है। गया जिले में करणी सेना के समर्थकों द्वारा हिंसा फैलाए जाने के भय से सभी सिनेमाघरों के मालिकों ने ‘पद्मावत’ नहीं दिखाने का फैसला किया है। भागलपुर और पूर्णिया जिलों में भी सिनेमाघरों के मालिकों ने फिल्म को नहीं दिखाने का फैसला किया है।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने कहा कि लोगों की भावनाओं का स मान करते हुए सिनेमाघरों को ‘पद्मावत’ नहीं दिखानी चाहिए।
पिछले 10 दिनों में राजपूत संगठन के कार्यकताओं ने फिल्म के विरोध में राज्यभर में प्रदर्शन किया है। पुलिस ने कहा कि बीते सप्ताह, मुज फरपुर जिले के एक सिनेमाघर में कुछ कार्यकताओं ने हमला किया था और ‘पद्मावत’ के पोस्टर फाड़ते हुए धमकी दी थी कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो वे सिनेमाघर को आग के हवाले कर देंगे।
बिहार के अलावा भी देश के कई हिस्सों से इस तरह की खबरे सामने आ रही है। इसको देख कर कहा जा सकता है कि फिल्म पर खतरे के बादल अभी भी छटे नहीं है।