देश के अलग अलग हिस्सों में फिल्म पद्मावत को लेकर हंगामें शुरु हो चुके हैं। फिल्म की रिलीजिंग आसान नहीं लग रही है।
साल की सबसे विवादित फिल्म 'पद्मावत' पर अब भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट से फिल्म को हरी झंडी मिलने के बाद भी फिल्म की रिलीजिंग आसान होती नहीं दिख रही है। फिल्म पर 'करणी सेना' का विरोध जारी है, करणी सेना ने साफ कर दिया है कि भले ही फिल्म को सेन्सर बोर्ड से पास कर दिया गया हो लेकिन वो किसी भी हालत में इस फिल्म को आसानी से रिलीज नहीं होने देंगे।
करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि- '25 तारीख को पद्मावत के रिलीज होने के साथ ही देश में जनता का कर्फ्यू लगेगा।' इसके बाद से ही देश के अलग अलग हिस्सों में फिल्म के विरोध में को लेकर हिंसा भी शुरु हो चुकी है।
बता दें गांधीनगर में गोझारिया जाती हुई दो एस.टी बसों को बावला चौराहे के पास आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि करणी सेना के लोग बस में आग लगाकर फरार हो गए। उधर बनासकांठा जिले में भी पद्मावत फिल्म का विरोध उग्र हो गया है यहां हाईवे पर टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया गया दूसरी तरफ गिर सोमनाथ जिले में कलेक्टर को फिल्म के विरोध में आवेदन पत्र सौंपा गया साथ ही राजकोट में अनिल कपूर के विरोध में भी नारे लगाए गए बताया जा रहा है कि अनिल कपूर ने पद्मावती के रिलीज होने की पैरवी की थी l
सिर्फ करणी सेना ने ही नहीं बल्कि सूरत के ओलपाड में भी क्षत्रिय समाज ने रैली निकाली हैl गुजरात में महाकाल सेना के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पद्मावती रिलीज हुई तो राज्य के हालात खराब होंगे। इन हालातों को देखते हुए गुजरात के थिएटर के मालिकों ने तय किया है कि फिल्म रिलीज नहीं करेंगे| बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन ने भी अभी तक कोई तैयारी की सूचना थिएटर मालिकों को नहीं दी हैl
इन सब हिंसात्मक घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पद्मावत की रिलीजिंग आसान नहीं लग रही है।