
Ramayana Movie Review: टीवी पर 'रामायण' तो हमने पहले भी देखी है लेकिन रणबीर कपूर की ये फिल्म वाली रामायण थोड़ी नहीं काफी अलग है। फिल्म में वीएफएक्स का इस्तेमाल भी है और तकनीकी तौर पर भी फिल्म पर पूरा पैसा खर्च किया गया है। चलिए आपको इस फिल्म का रिव्यू देते हैं। आखिर कैसी लगी ये फिल्म, देखने जाने से पहले जरूर पढ़ लें इसका रिव्यू।
फिल्म की कहानी शुरू होती है देवताओं और राक्षसों के बीच के युद्ध से। इंद्र देव की मदद से देवताओं को जीत मिलती है और राक्षसों को हार। हालांकि केकसी को ये हार स्वीकार नहीं वो सीधे अपने पुत्र रावण के पास जाती है और कहती है कि उसे लंका का राज-पाठ चाहिए। वो ऐसे दरिद्र तरीके से नहीं जी सकते। इसके बाद रावण कठोर तपस्या करता है और ब्रहा जी से अमरता का वरदान पा लेता है। इसके बाद रावण तीनों लोकों का स्वामी बन जाता है और राक्षसों के पास पूरा राज-पाठ आ जाता है। जैसे ही धरती पर अत्याचार बढ़ते हैं तभी विष्णु जी के अवतार राम का जन्म अयोध्या में दशरथ के महल में होता है।
अभिनय की बात करें तो सबसे ज्यादा चर्चा साउथ सुपरस्टार यश की होनी बनती है। यश ने रावण के किरदार में काफी इंप्रेस किया है। रावण के तौर पर यश ने जिस तरीके से अपने किरदार को निभाया है वो काबिल-ए-तारीफ है। वहीं राम के किरदार में रणबीर कपूर को लेकर भी पहले से ही काफी चर्चा की जा रही थी लेकिन इसी बीच सबसे ज्यादा बात साई पल्लवी की भी हो रही थी। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी को लुक को पहले ही काफी ट्रोल किया जा रहा था लेकिन जब आप फिल्म को देखते हैं तो पता चलता है कि उन्होंने अपने किरदार को बड़ी ही मासूमियत और ईमानदारी से जिया है।
माता सीता के रोल में जिस तरह की मासूमियत और कभी-कभी आक्रामक रवैये की जो जरूरत थी, वो इस फिल्म में साई पल्लवी ने एक अभिनेत्री के तौर पर काफी अच्छे से दिखाया है। फिल्म में कैकेयी के किरदार में लारा दत्ता ने भी अपनी भूमिका अच्छे से निभाई है। वहीं सबसे ज्यादा चर्चा हनुमान के तौर पर सनी देओल की भी हुई लेकिन इस पार्ट में वो कहीं पर भी नजर नहीं आए।
डायरेक्टर के तौर पर नितेश तिवारी ने फिल्म में पूरी मेहनत और लगन के साथ काम किया है। पूरी टीम का एफर्ट एक साथ नजर आता है। जिस तरह से जिस किरदार को कहानी की माला में पिरोया गया है, वो पहले से ही काफी शानदार लग रहा है। हर एक्टर से उसके किरदार के अनुरूप काम करवाने के लिए नितेश तिवारी को पूरे नंबर मिलने चाहिए।
फिल्म में जिस तरीके से वीएकएक्स और तकनीक के इस्तेमाल से कहानी को भव्यता के साथ दिखाया गया है। एक भी पल ऐसा नहीं आता है जब आपको बोरियत महसूस हो। इसलिए आप अपनी पूरी फैमिली के साथ इस फिल्म को आराम से देखने जा सकते हैं। आपको जरा भी संकोच करने की जरूरत नहीं है कि फिल्म की कहानी तो आप जानते ही हैं क्योंकि जो नया अंदाज और नया रवैया इस फिल्म को दिखाने में निर्देशक नितेश तिवारी ने अपनाया है, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है।