
Ramayana Movie Review: नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' ने आज भारत के सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। फिल्म में रणबीर कपूर राम के किरदार में नजर आ रहे हैं वहीं साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। लक्ष्मण की भूमिका में रवि दुबे दिखाई दे रहे हैं। दशरथ के किरदार में टीवी के प्रभु श्री राम यानी अरुण गोविल नजर आ रहे हैं। टीवी की 'रामायण' से अगर इस फिल्म की तुलना की जाए तो जमीन और आसमान जैसा अंतर नजर आता है। चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं वो पांच प्वाइंट्स जो इस 'रामायण' को एकदम अलग बनाते हैं।
फिल्म में जहां एक तरफ राम और लक्ष्मण को एक कुशल योद्धा के रूप में दिखाया है। वहीं पुरानी 'रामायण' से जो एक चीज बिल्कुल ही अलग दिखाई देती है वो है माता सीता का योद्धा रूप। इस फिल्म में राक्षसों का सामना करते हुए मां सीता को भी हथियारों के साथ लड़ते हुए दिखाया गया है, जो देखने में एकदम नया अनुभव था। कुल मिलाकर फिल्म में मां सीता की जहां एक तरफ मासूमियत नजर आ रही है, वहीं उनका आक्रामक रवैया भी देखने में अच्छा लगता है।
फिल्म में एक और बात जो इसे एकदम अलग बनाता है, वो है राणव का अनुज भाई कुंभकरण। कुंभकरण को इससे पहले हमने एक बड़े से राक्षस जैसे रूप में ही देखा है, जो किरदार एक इंसान ही निभाता है। हालांकि रणबीर की रामायण में एकदम अलग चीज देखने को मिलती है। फिल्म में कुंभकरण को बड़े से दानव के रूप में दिखाया गया है जो कि एआई की मदद से तैयार किया गया है।
टीवी की रामायण को उस वक्त के हिसाब से सामान्य तौर पर टीवी पर ही देखा जा सकता था लेकिन इस फिल्म को ना ही सिर्फ बड़े पर्दे पर देखा सकता है बल्कि 3D-4D चश्मों की मदद से फिल्म की भव्यता को बड़ी ही कुशलता के साथ दिखाया गया है।
जाहिर सी बात है पुरानी रामायण के मुकाबले इस फिल्म में तकनीक और VFX का इस्तेमाल काफी बड़े स्तर पर किया गया है। रावण की लंका को सोने की तरह ही दिखाया गया है लेकिन फिल्म की भव्यता में कोई भी कमी नहीं रखी गई है।
टीवी की 'रामायण' में या अब तक जितनी भी जगह पर हमनें रामायण देखी है, वहां शूर्पणखा का नाक आगे से पूरी तरह से कट जाता है लेकिन इस फिल्म में शूर्पणखा के चेहरे पर घाव नजर आने लगता है।