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Ramayana Review: भव्यता को पर्दे पर खूबसूरती से उतारा, रणबीर ने ‘राम’ के किरदार में छोड़ी छाप? लोग कर रहे तारीफ

Ramayana Movie Review: रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' का पहला पार्ट सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। यश और साई पल्लवी और तमाम स्टारकास्ट से सजी इस फिल्म को सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। चलिए जानते हैं फिल्म को लेकर क्या है रिव्यू।
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Updated: 4 Nov 2026, 5:13 PM IST
Ramayana Movie Review
रामायण फिल्म रिव्यू (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Ramayana Movie X Review: भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि अपनी कहानी और प्रस्तुति से एक अलग पहचान बनाती हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन और नमित मल्होत्रा के निर्माण में बनी 'रामायण' भी ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी फिल्म बनने की कोशिश करती है। भारतीय संस्कृति के सबसे प्रतिष्ठित महाकाव्य को जिस भव्यता और आधुनिक तकनीक के साथ बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई है, वो दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव दे सकता है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी शानदार स्टारकास्ट, दमदार अभिनय, बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स और भावनात्मक कहानी साबित होने वाली है।

रणबीर कपूर का शानदार अभिनय?

फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर की भी जमकर तारीफ हो रही है। उन्होंने अपने अभिनय से खास छाप छोड़ी है। उन्होंने राम के व्यक्तित्व में मौजूद मर्यादा, धैर्य, करुणा और शक्ति को बेहद सहजता के साथ पर्दे पर उतारा है। उनके अभिनय में एक ठहराव और शालीनता दिखाई देती है, जो इस किरदार की गरिमा को बनाए रखती है। रणबीर ने राम के भावनात्मक पक्ष को भी अच्छी तरह प्रस्तुत किया है। उनके चेहरे के हावभाव और संवाद अदायगी किरदार को प्रभावशाली बनाते हैं।

फिल्म को मिला स्टैंडिंग ओवेशन

सोशल मीडिया पर भी लोग फिल्म की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस पोस्ट में फिल्म को स्टैंडिंग ओवेशन मिलने की बात कही जा रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि फिल्म देखने के बाद थिएटर में लोग खूब तालियां और सीटियां बजाते हुए नजर आए।

रावण बनकर यश ने जमाया रंग

रावण के किरदार में यश फिल्म के बड़े आकर्षणों में से एक हैं। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और प्रभावशाली व्यक्तित्व इस किरदार को मजबूत बनाते हैं। रावण के रूप में उनका अंदाज, तीव्रता और संवादों की प्रस्तुति दर्शकों का ध्यान खींचती है। वहीं, माता सीता की भूमिका में साई पल्लवी ने अपनी सादगी और भावनात्मक अभिनय से प्रभावित किया है। उन्होंने सीता के धैर्य, साहस, करुणा और आंतरिक शक्ति को खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है।

VFX और प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

'रामायण' का सबसे खास पहलू इसका विजुअल ट्रीटमेंट है। फिल्म में इस्तेमाल किए गए वीएफएक्स पर काफी मेहनत की गई है। डीएनईजी (DNEG) ने अपनी तकनीक और बारीकियों के जरिए रामायण की दुनिया को बड़े पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास किया है। महलों, राज्यों, प्राकृतिक दृश्यों और युद्ध से जुड़े प्रसंगों को भव्य अंदाज में दिखाया गया है।

फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन भी इसकी खूबसूरती बढ़ाता है। कलाकारों की वेशभूषा से लेकर अलग-अलग स्थानों की सजावट तक हर चीज में विस्तार नजर आता है। यही वजह है कि फिल्म का असली अनुभव बड़े पर्दे पर देखने में ही है।

एआर रहमान और हंस जिमर का संगीत खींच सकता है ध्यान

फिल्म का संगीत भी इसकी कहानी को मजबूती दे सकता है। एआर रहमान और हॉलीवुड के मशहूर संगीतकार हंस जिमर का साथ आना अपने आप में खास है। दोनों का संगीत फिल्म के भावनात्मक और भव्य दृश्यों को और प्रभावशाली बनाता है। खासतौर पर बैकग्राउंड स्कोर कहानी के महत्वपूर्ण पलों में रोमांच और भावनाओं को गहराई देता है। संगीत दर्शकों को कहानी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है।

सहायक कलाकारों ने भी संभाली कहानी

फिल्म में सहायक कलाकारों का योगदान भी उल्लेखनीय है। लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे ने अच्छा काम किया है। वहीं, राजा दशरथ की भूमिका में अरुण गोविल अपनी मौजूदगी से कहानी के भावनात्मक पक्ष को मजबूती देते हैं। सभी कलाकारों ने अपने किरदारों के जरिए फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।

क्यों खास है 'रामायण'?

'रामायण' की खूबी सिर्फ इसके भव्य दृश्य और आधुनिक तकनीक नहीं हैं। इसकी असली ताकत वह कहानी है, जो सदियों से भारतीय समाज और संस्कृति का हिस्सा रही है। धर्म, सत्य, त्याग, प्रेम, समर्पण और मर्यादा जैसे मूल्यों को फिल्म नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करती है। यही वजह है कि इसकी कहानी आज भी प्रासंगिक महसूस होती है।

फाइनल वर्डिक्ट

कुल मिलाकर 'रामायण' भारतीय सिनेमा की एक महत्वाकांक्षी और यादगार पेशकश है। रणबीर कपूर का अभिनय, यश की दमदार मौजूदगी, साई पल्लवी की सादगी, शानदार वीएफएक्स और एआर रहमान-हंस जिमर का संगीत फिल्म को खास बनाते हैं। यह फिल्म सिर्फ एक पौराणिक कहानी का सिनेमाई रूपांतरण नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास है। भव्यता और भावनाओं का यह संगम दर्शकों को एक अलग दुनिया में ले जाने की क्षमता रखता है।

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4 Nov 2026, 5:13 PM IST
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