
बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर ( Rishi Kapoor ) का मानना है कि वह ऐसी एक्सपेरिमेंटल मूवीज नहीं कर सकते जो आयुष्मान खुराना ( Ayushmann Khurrana ) और रणबीर कपूर ( Ranbir Kapoor ) करते हैं। एक्टर का कहना है कि इन दिनों सिनेमा कंटेट बेस्ड हो गया है। ये सब इसलिए हुआ है कि अब दर्शक ज्यादा उदार हो गया है। वह बासी चीजों की जगह बेहतरीन कंटेट देखना चाहता है।
कंटेट बेस्ड सिनेमा का दौर
एक इंटरव्यू में ऋषि ने कहा,' आज के दौर में सिनेमा में जो बदलाव आया है वह मेरे दौर में नहीं था। तब एक्टर्स की इमेज रोमांटिक हीरो, एक्शन हीरो, डांसिंग हीरो में कैद थी। उस जमाने में मेरी इमेज एक रोमांटिक हीरो की थी। आज जब हम नए एक्टर्स को देखते हैं तो ये अलग तरह की एक्सपेरिमेंटल फिल्में कर रहे हैं। जैसे मेरे बेटे रणबीर ने 'बर्फी' मूवी ( barfi movie ) की। मैं 'बर्फी', 'संजू' ( Sanju ) या 'रॉकेट सिंह' ( Rocket Singh ) जैसी मूवीज कभी नहीं करता। आयुष्मान खुराना जिस तरह की मूवीज कर रहे हैं, मैं नहीं कर पाता। ये सब कंटेट बेस्ड फिल्में हैं।'
एक्टर का कहना है कि आज के सिनेमा की खास बात ये है कि दर्शक भी अलग तरह की नई कहानियां स्क्रीन पर देखना चाहता है। अब दर्शक ज्यादा उदार है और अलग तरह की चीजें देखना पसंद करता है।
कलाकारों को नहीं मिलता सम्मान
ऋषि का कहना है कि हमारे देश में कलाकारों का उस तरह से सम्मान नहीं मिलता है जैसा विदेशों में होता है। हमारा राष्ट्र दुनियाभर में सिनेमा, म्यूजिक और कल्चर के लिए जाना जाता है लेकिन देखिए कि कैसे हमारे आइकन्स के साथ व्यवहार होता है। ऋषि ने कहा यहां नई सड़क, पुल, एयरपोर्ट्स के नाम रानेताओं पर रखे जाते हैं। ऐसा कलाकारों के लिए क्यों नहीं? एक्टर ने कहा कहा, 'हमारे पास पंडित रवि शंकर, लता जी जैसे लोग हैं। मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि वे मेरा परिवार हैं लेकिन क्या आप एंटरटेनमेंट के बिजनेस में राज कपूर और पृथ्वीराज कपूर के योगदान को अनदेखा कर सकते हैं? उन्हें दुनियाभर में सेलिब्रेट किया जाता है लेकिन मेरे देश में नहीं।
ऋषि कपूर की आने वाली मूवीज की बात करें तो 13 दिसंबर को उनकी मूवी 'द बॉडी' रिलीज के लिए तैयार है। इस मूवी में लीड एक्टर के तौर पर इमरान हाशमी हैं।