Salman Khan firing case 2024: सलमान खान के घर जब साल 2024 में दो हमलावरो ने ताबड़तोड़ गोलिंया चलाईं तो लोगों की रूह कांप गई थी। अब भाईजान के बॉडीगार्ड ने अदालत में गवाही देते हुए खुलासा किया है और उस सुबह का काला सच सबको बताया है।
Salman Khan bodyguard statement in court: साल 2024 की वो तारीख 14 अप्रैल, जब पूरा देश सो रहा था, तब मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' के बाहर कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सलमान खान के घर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और मुंबई शहर को दहशत में लाकर खड़ा कर दिया था। अब इसी मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने विशेष अदालत के सामने खड़े होकर वो रूह कंपा देने वाला सच बताया है, जो अब तक फाइलों में दबा था। बॉडीगार्ड के मुताबिक, उस दिन सिर्फ डराने के लिए गोलीबारी नहीं हुई थी, बल्कि मकसद साफ था- सुपरस्टार सलमान खान को जान से मारना।
मामले की सुनवाई के दौरान पहले गवाह के तौर पर बॉडीगार्ड ने अदालत को बताया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की धमकियों के चलते सलमान की सुरक्षा पहले ही कड़ी कर दी गई थी। बॉडीगार्ड ने अपनी गवाही में कहा, "मैं 13 अप्रैल की शाम 7 बजे अपनी नाइट ड्यूटी पर आया था। 14 अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे अचानक पटाखों जैसी तेज आवाजें आईं। जब मैंने सुरक्षा केबिन में लगे सीसीटीवी पर नजर डाली, तो होश उड़ गए। हेलमेट पहने दो लोग बाइक पर थे और हमारी बिल्डिंग की तरफ ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे।"
गवाह ने दावा किया कि जब हमलावरों ने 4-5 राउंड फायरिंग की, उस समय सलमान खान अपनी पहली मंजिल वाले बेडरूम में सो रहे थे। बॉडीगार्ड ने कोर्ट में कहा कि हमलावरों का निशाना सीधा अभिनेता का बेडरूम था और यह जान लेने की एक सोची-समझी कोशिश थी। फायरिंग के तुरंत बाद हमलावर 'आई लव बांद्रा' पॉइंट की तरफ भाग निकले। स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर महेश मुले ने कोर्ट में उस दिन की सीसीटीवी फुटेज भी पेश की, जिसकी पहचान खुद बॉडीगार्ड ने की।
इस मामले में पुलिस ने विक्की गुप्ता और सागर पाल को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने बाइक पर आकर फायरिंग की थी। जांच में खुलासा हुआ कि हमले से दो दिन पहले मोहम्मद रफीक चौधरी ने पूरे इलाके की रेकी की थी और वीडियो बनाकर अनमोल बिश्नोई को भेजा था। फिलहाल, विक्की गुप्ता, सागर पाल और अन्य आरोपी जेल में हैं, जबकि एक आरोपी अनुज थापन ने हिरासत में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस रिकॉर्ड में लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई को इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड और वांछित आरोपी बताया गया है। अदालत में बॉडीगार्ड के इस बयान ने अब बिश्नोई गैंग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।