पिछले दिनों बॉलीवुड समेत दुनिया भर महिलाओं ने महिलाओं के साथ बढ़ती यौन शोषण की घटनाओँ को चर्चा को केन्द्र में लाने के लिए मीटू मूवमेंट का सहारा लिया गया। दुनिया भर की तमाम महिलाओं के साथ बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों इस मूवमेंट के तहत अपनी आप बीती सुनाई। हालांकि कुछ ऐसी घटनाएं भी रही जो इस अभियान में सामने नहीं आ सकीं।
यहां बात की जा रही ‘बधाई हो’ अभिनेत्री नीना गुप्ता की। नीना गुप्ता के साथ भी एक ऐसा दौर गुजरा जब उन्हें यौन शोषण जैसे कठिन कृत्य का सामना करना पड़ा। नीना गुप्ता ने अपनी बायोग्राफी ‘सच कहूं तो’ में बताया कि उनके साथ जीवन के शुरूआती दौर में कई मौकों पर उन्हें अप्राकृतिक तरीके से छूने की और शोषित करने की कोशिश की गई।
अभिनेत्री अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखती हैं कि जब वे स्कूल में पढ़ती थीं, तब आंखों का एक डॉक्टर चेकअप के बहाने उनके उनका यौन शोषण करता था। एक दिन जब वे डॉक्टर के पास गई तो उसने नीना के भाई को वेटिंग रूम में बैठा दिया और एक्ट्रेस को अंदर कमरे में ले गया। इसके बाद डॉक्टर ने जांच करते हुए नीना को गलत जगहों पर छूना शुरू कर दिया। अपने इस बुरे अनुभव के बारे में नीना लिखती हैं-
‘डॉक्टर ने मेली आंखो का टेस्ट स्टार्ट किया, लेकिन फिर वह अचानक शरीर की अन्य जगहों पर भी चेक करने लगा, इन जगहों का मेरी आंख का कोई संबंध नहीं था। जब ये सब हुआ तब मैं बहुत डर गई थी। मुझे अपने आप से नफरत हो रही थी। जब कोई नहीं देखता था तो मैं घर के कोन में अकेले रोती रहती थी। मुझे मां को इस बात को बताने की हिम्मत नहीं हुई। मैं बहुत डर गई थी। मुझे लगा कि वह बोलेगी कि इसमें मेरी ही गलती होगी शायद मैनें उसे उकसाया होगा या कुछ किया होगा।’
इसके बाद उस डॉक्टर ने कई बार उनके साथ ऐसा ही किया। इसके अलावा नीना बतातीं हैं कि एक दर्जी के साथ भी उनका इसी तरह का अनुभव रहा। नीना लिखतीं है कि वह एक दर्जी के पास कपड़े सिलवाने जातीं थीं। वह दर्जी उनके कपड़ों का माप लेने की एवज में उन्हें बार बार गलत ढंग से छूता था। इसके बावजूद वह बार बार उस टेलर के यहां जाने के लिए मजबूर थीं। क्योंकि यदि वे अपनी मां से इसके लिए मना करती तो उन्हें अपनी मां को सबकुछ बताना पड़ता। जो कि वह नहीं बताना चाहती थी।
इस पर नीना आगें लिखती हैं कि ऐसीं परिस्थितियों से बचने के लिए प्रत्येक माता पिता को अपने बच्चों क गुड टच और बैड टच जैसी अवस्थाओं से अवगत कराना चाहिए।