
नई दिल्ली। करण जौहर के निर्देशन में बनी हर फिल्म हिट होने के साथ नसीहत से भरी हुई होती है। जिनकी कहानी में परिवार की सच्चाई देखने को मिलती है। ऐसी ही एक फिल्म थी। फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' जो पारिवारिक प्यार के माहौल से भरी हुई थी लेकिन इसमें रोल करने वाले किरदारों के बीच आपसी सांमजस्य नही था। ना तो सेट पर एक दूसरे के प्रति प्यार का माहौल देखने को मिलता था, ना ही छोटो के प्रति बड़ों का पारिवारिक प्यार था। जिसमें सबसे हैरान करने वाली बात बॉलीवुड के शहशाह कहलाने वाले अमिताभ का ऋतिक रोशन के साथ खराब रहने वाला रबैया था।
करण जौहर ने अपनी किताब 'एन अनसुटेबल बॉय' में इस बात का खुलासा भी किया था कि शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और काजोल हमेशा ऋतिक के साथ दूरी बनाकर रखते थे और इसके लिए उन्हें बुरा लगता था। और इनके बीच आने वाली दूरियों का सबसे बड़ा कारण था ऋतिक की काफी कम समय में ही मिलने वाली सफलता जो उन्हें फिल्म कहो ना प्यार है से जबरदस्त मिली थी।
फिल्म 'कहो ना प्यार है' मे मिली सफलता के बाद ऋतिक रोशन का नाम बॉलीवुड की बड़ी हस्तियों के बीच गिना जाने लगा था। और इस बात को शाहरुख खान हजम नही कर पा रहे थे। करण ने अपनी किताब इस बात का खुलासा किया था कि, 'यह बहुत ही गलत था शाहरुख खान इतने बड़े स्टार होने के बाद भी अपने जूनियर रहे ऋतिक रोशन ये इस प्रकार का व्यवहार कर रहे थे। जिससे मुझे काफी दुख हो रहा था
शाहरुख के अलावा अमिताभ और काजोल भी ऋतिक से नहीं करते थे बात
करण ने आगे लिखा, 'कि इस तरह के व्यवहार में केवल शाहरूख खान ही अकेले नही थे उनके साथ अमिताभ और जया बच्चन के अलावा काजोल भी उनका पूरा साथ दे रही थीं।' करण को उस दौरान लगता था कि ऋतिक उस अकेले बच्चे की तरह थे, जो खो गया था। वह सेट पर ऋतिक को जितना संभव हो सके उतना सहज बनाना चाहते थे। उन्होंने लिखा, 'मुझे ऋतिक रोशन को उस दौरान सहारा देने की जरूरत महसूस हुई थी मैने उसके साथ दोस्ती का हाथ बड़ा और काफी अच्छी फ्रेंडशिप हो गई।'