
यूं तो शाहरुख खान अब बॅालीवुड के बादशाह हैं पर एक वक्त ऐसा भी था जब वे सफलता की सीढ़ियां धीरे धीरे चढ़ रहे थे। उस वक्त उन्हें एक फिल्म ऑफर की गई थी जिसकी कास्ट सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। जी हां शाहरुख के पास परदेस फिल्म बना चुके फिल्ममेकर सुभाष घई का एक शानदार ऑफर आया था। इस फिल्म में वह दो बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार को भी लेना चाहते थे। यहां तक की घई साहब ने तो इस फिल्म के लिए टाइटल भी सोच लिया था और इसका नाम- मदरलैंड रखना चाहते थे।
घई ने एक इंटरव्यू में बताया की,- साल 2003 में, मैं मदरलैंड नाम से फिल्म शुरू करना चाहता था जिसमें दिलीप कुमार साहब, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान को कास्ट करना चाहता था। इस फिल्म के लिए स्क्रिप्ट भी तैयार थी और तीन गाने भी रिकॉर्ड कर लिए गए थे लेकिन अंतिम समय पर शाहरुख खान ने इस फिल्म को इनकार कर दिया। उन्होंने बताया,- शाहरुख को लग रहा था कि फिल्म में कई सारे कैरक्टर हैं और उस समय वह सोलो हीरो के तौर पर काम करना चाहते थे लेकिन मैं मल्टीस्टारर फिल्म बनाना चाहता था। यह कहानी ही दिलीप साहब, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान के लिए लिखी गई थी। इस फिल्म में, मैं ऐश्वर्या राय , प्रीति जिंटा और महिमा चौधरी को भी लेना चाहता था लेकिन अफसोस कि यह फिल्म नहीं बन सकी।
हालाकि फिल्म मदरलैंड नहीं बन सकी लेकिन घई और शिखर की फिल्म शाहरुख के साथ बनाना चाहते थे। यह फिल्म भी बंद हो गई जिसके बाद घई ने फाइनली परदेस बनाई। उन्होंने बताया की,- परदेस से पहले मैं शिखर नाम की फिल्म पर काम कर रहा था जिसमें जैकी श्रॉफ और शाहरुख खान को कास्ट किया जाना था। इनके साथ में, मैं किसी नई लड़की को लॉन्च करना चाहता था। यह युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित एक लवस्टोरी थी। हमने इसका मुहूर्त भी कर दिया था और एआर रहमान का गाया एक गाना भी रिकॉर्ड कर लिया था।
उन्होंने बताया कि फिल्म ताल का मशहूर गाना इश्क बिना क्या जीना यारो असल में शिखर के लिए रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने कहा,- जब मेरी फिल्म त्रिमूर्ति फ्लॉप हो गई तो मीडिया में यह कहा जाने लगा कि आखिर 10 हिट फिल्में देने के बाद कोई फ्लॉप फिल्म कैसे दे सकता है। इसलिए अब मुझे काम करना छोड़ देना चाहिए। इसके बाद सुभाष घई की टीम में यह वॉर फिल्म बनाने के बजाय कोई छोटी फिल्म बनाने पर ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने बताया,- मेरी टीम ने सोचा शिखर बहुत बड़ी फिल्म थी जिसमें भारी-भरकम निवेश किया जाना था। फिर हमने छोटी फिल्म बनाने का निर्णय लिया और परदेस बनाई जो केवल 1 साल में बनकर तैयार हो गई।