मैं खुद भी भाई-भतीजावाद का दर्द झेल चुका हूं। कई बड़े सिंगर्स ने ऐन वक्त पर मेरे गाने गाए हैं। आउटसाइडर और न्यूकमर्स के लिए बॉलीवुड एक एलियन की तरह है। बिल्कुल नई दुनिया। यहां बने रहने के लिए अपने सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना सबसे जरूरी है.....
मैं खुद भी भाई-भतीजावाद का दर्द झेल चुका हूं। कई बड़े सिंगर्स ने ऐन वक्त पर मेरे गाने गाए हैं। आउटसाइडर और न्यूकमर्स के लिए बॉलीवुड एक एलियन की तरह है। बिल्कुल नई दुनिया। यहां बने रहने के लिए अपने सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना सबसे जरूरी है। सिंगर सोनू निगम की म्यूजिक इंडस्ट्री में 'माफिया' वाली बात से मैं सहमत हूं। इन दिनों म्यूजिक इंडस्ट्री बड़ी कंपनियों पर निर्भर है। यहां वे ही लोग टिक पाते हैं जिनके गाने मार्केट में बिकते हैं या जिनकी अप्रोच अच्छी। फिलहाल मेरे दो गाने रिलीज के लिए तैयार हैं, जिसमें मेरा म्यूजिक, मैंने ही गाए और एक्ट भी किया। यह कहना मशहूर प्लेबैक सिंगर रवींद्र उपाध्याय ( Playback Singer ravindra upadhyay ) का। उन्होंने पत्रिका एंटरटेनमेंट से खास बातचीत में अपने सिगिंग कॅरियर पर खुलकर बात की।
बड़ी कंनियों पर निर्भर म्यूजिक इंडस्ट्री
रवींद्र ने बताया कि इस दौर में म्यूजिक इंडस्ट्री बड़ी कंपनियों पर निर्भर है। पिछले दिनों सोनू निगम ( Sonu Nigam ) ने ने कहा था कि बॉलीवुड से ज्यादा बड़ा 'माफिया' है म्यूजिक इंडस्ट्री में। मैं उनकी बात से बिल्कुल सहमत हूं। कंपनियां म्यूजिक को एक बिजनेस के तरीके से देखती हैं और मार्केट में उसी हिसाब से गाने लेकर आती हैं। अब मार्केट भी ग्लोबल हो चुका है तो बड़े सिंगर्स के ही गाने बिक पाते हैं। ऐसे में न्यूकर्मस और आउटसाडर की अनदेखी होती है।
कई बार किया गया रिप्लेस
'खुद मेरे साथ भी कई बार ऐसा हुआ कि ऐन वक्त पर मेरा गाना किसी और से गवाया गया। बॉलीवुड के कई सिंगर्स ने मेरे गानें गाकर मुझे रिप्लेस किया है। अब मैं अपने इंडिपेंड म्यूजिक पर ज्यादा फोकस कर रहा हूं। राजस्थानी फोक मुझे पसंद हैं।' रवींद्र ने कहा कि नेपोटिज्म हर जगह है। आप इससे तभी पार सकते हैं जब आपका सपोर्ट सिस्टम और अप्रोच अच्छी हो। मैं खुद इस दर्द को झेल चुका हूं। आइटसाइडर और न्यूकमर्स इस दर्द को झेल नहीं पाते हैं। यही सुशांत सिंह राजपूत के साथ हुआ और उन्होंने डिप्रेशन में आकर गलत कदम उठाया।
सिंगर्स को गानों का नहीं मिलता पेमेंट
'पिछले दिनों प्लेबैक सिंगर नेहा कक्कड़ ने कहा कि था कि सिंगर्स को बॉलीवुड में गाने के रुपए नहीं दिए जाते। मेरा भी यही अनुभव रहा है। एक—दो गानों को छोड़ दिया जाए तो मुझे भी कई प्लेबैक सॉन्ग के रुपए नहीं मिले। सिंगर्स को केवल लाइव शो से कमाई होती है। म्यूजिक इंडस्ट्री में जो जितना बड़ा सिंगर होता है, उतना ही वह अपने आपको असुरक्षित महसूस करता है।
दो गानों का चाहते हैं रिक्रियट वर्जन
ओरिजनल गानों के रिएक्शन पर सिगर ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरे दो गाने रिक्रिएट हो। बहुत प्यारे गाने हैं और धूम मचा देंगे। उनमें मेरा एक गाना है 'सब्र कर, सब्र कर'। इसका म्यूजिक दिया था विशाल शेखर की हिट जोड़ी ने। मैं खुद इस गाने को रिक्रिएट करना चाहता हूं। कुमार जी ने इसके लिरिक्स लिखे थे। दूसरा मेरा गाना है 'एक आग का दरिया है और डूब के जाना है' बोल नाम के गाने का रिक्रिएशन वर्जन सुनना चाहता हूं।
आगामी प्रोजेक्ट्स
मेरे अभी दो गाने रिलीज होने वाले हैं, जिसमें म्यूजिक भी मेरा, गाए भी और एक्ट भी किया। इन गानों को भारत और जापान में शूट किया गया है। लॉकडाउन से पहले ये गाने शूट हो चुके थे। हम इन्हें जनवरी और फरवरी में लाना चाहते थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से ये संभव नहीं हो पाया। अब गाने फाइनली रिलीज के लिए तैयार हैं। और मैंने इन गानों में एक्ट भी किया है।