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‘मैं कोई भिखारी नहीं थी’, बचपन के दर्दनाक अनुभव को बताते हुए सोनाली कुलकर्णी हुईं भावुक

Sonali Kulkarni Childhood Experience: अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी ने हाल ही में अपने बचपन का अनुभव साझा करते हुए बताया है कि कैसे उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा था।

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Sonali Kulkarni Childhood Experience

Sonali Kulkarni Childhood Experience (सोर्स- एक्स)

Sonali Kulkarni Childhood Experience: मराठी और हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकीं अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी इन दिनों अपने नए पॉडकास्ट को लेकर चर्चा में हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर सोनाली ने हाल ही में अपने बचपन के उन दर्दनाक अनुभवों का जिक्र किया, जिन्होंने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था।

अभिनेत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें कई बार ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें खुद को अपमानित महसूस हुआ। यही वजह है कि आज वो बच्चों की भावनाओं और उनकी इज्जत को लेकर इतनी संवेदनशील हैं। सोनाली ने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।

सोनाली कुलकर्णी ने बताया बचपन का अनुभव (Sonali Kulkarni Childhood Experience)

सोनाली कुलकर्णी ने अपने नए पॉडकास्ट ‘हाफ टिकट फुल नागरिक’ के जरिए बच्चों और युवाओं को खुलकर अपनी बात रखने का मंच देने की कोशिश की है। उनका मानना है कि अक्सर बड़े लोग बच्चों की बातों को गंभीरता से नहीं लेते, जबकि बच्चों के अंदर भी भावनाएं, सपने और आत्मसम्मान होता है। इसी दौरान उन्होंने अपने बचपन का एक ऐसा किस्सा सुनाया जिसने सभी को भावुक कर दिया।

अभिनेत्री ने बताया बर्थडे पार्टी का किस्सा

अभिनेत्री ने बताया कि बचपन में वो एक बर्थडे पार्टी में गई थीं। वहां उन्होंने खाने की तारीफ कर दी थी, लेकिन एक बड़े व्यक्ति ने इसे गलत समझ लिया। उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे वो और खाना मांग रही हों। इस घटना ने सोनाली को अंदर तक दुख पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वो सिर्फ खाने की तारीफ कर रही थीं, लेकिन उन्हें जिस तरह से देखा गया उससे उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई।

सोनाली ने कहा कि बच्चे बेहद मासूम होते हैं और उन्हें समझने की जरूरत होती है, ना कि उन्हें शर्मिंदा करने की। सिर्फ यही नहीं, सोनाली ने अपने पिता से जुड़ा एक और दर्दनाक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन में वो अपने पिता के साथ उनकी सैलरी लेने एक व्यक्ति के घर जाया करती थीं।

मैं कोई भिखारी नहीं थीं- सोनाली

उन्होंने आगे बात करते हुए बताया कि वहां घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन कोई उनकी तरफ ध्यान नहीं देता था। उस समय उन्हें ऐसा लगता था जैसे वो कोई मदद मांगने आई हों। सोनाली ने कहा, 'मैं कोई भिखारी नहीं थी। किसी भी बच्चे को उसका हक मांगते वक्त ऐसा महसूस नहीं कराया जाना चाहिए।'

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘मिसिंग लिंक’ रूट को लेकर भी सोनाली कुलकर्णी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग ट्रैफिक की समस्या से परेशान थे, लेकिन अब इस नए रास्ते से सफर काफी आसान हो गया है। हालांकि उन्होंने खुद अभी इस रूट पर यात्रा नहीं की है, लेकिन लोगों से मिली प्रतिक्रियाओं के मुताबिक अब मुंबई और पुणे के बीच का सफर पहले से काफी कम समय में पूरा हो रहा है।

बच्चों को लेकर सोनाली ने कही ये बात

सोनाली कुलकर्णी का मानना है कि बच्चे दुनिया में खुशियां और सच्चाई लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ छोटा समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें परिवार और समाज के फैसलों में भी अहमियत मिलनी चाहिए। यही सोच उनके पॉडकास्ट की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आ रही है।