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पालतू डॉग के नाम पर सबको ‘जानी’ बुलाते थे राज कुमार, फिल्ममेकर ने बताया बड़ा कारण

Raaj Kumar Jaani dog story: बड़े फिल्म निर्माता केसी बोकाडिया ने एक्टर राज कुमार को लेकर कई बड़े राज खोले हैं। उन्होंने बताया कि एक्टर हर किसी को अपने कुत्ते के नाम से बुलाते थे, जी हां! राजकुमार के पालतू कुत्ते का नाम जानी था। इसके पीछे वह ऐसा क्यों करते थे ये वजह भी सामने आई है।

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Raj Kumar called everyone as Jaani name reserved for his dog KC Bokadia said actor temperament Amitabh Bachchan

राजकुमार के डॉग के नाम था जानी

Raaj Kumar Jaani dog story: भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे कड़क आवाज और दमदार डायलॉग वाले अभिनेताओं का जिक्र होता है, तो राज कुमार का नाम सबसे ऊपर आता है। राज कुमार जितने शानदार अभिनेता थे, उतने ही अपने अनोखे और बिंदास मिजाज के लिए भी जाने जाते थे। हाल ही में एक इंटरव्यू में जाने-माने फिल्म निर्माता केसी बोकाडिया ने उनके साथ काम करने के अपने अनुभवों को लेकर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राज कुमार सबको प्यार से जानी कहकर बुलाते थे असल में वह उनके डॉग का नाम था।

राजकुमार के डॉग का नाम था जानी (Raaj Kumar Jaani dog story)

हाल ही में फिल्ममेकर केसी बोकाडिया ने एक इंटरव्यू में खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज कुमार की एक बेहद दिलचस्प आदत का खुलासा किया। उन्होंने बताया, "राज कुमार के पालतू डॉग का नाम 'जानी' था और वह अपने इस नाम से इस हद तक प्यार करते थे कि हमेशा सेट पर मौजूद हर छोटे-बड़े इंसान को भी वह 'जानी' कहकर ही पुकारते थे, लेकिन मेरे साथ उनका सम्मान अलग था, उन्होंने मुझे कभी इस नाम से नहीं बुलाया और हमेशा 'बोकाडिया साहब' कहकर ही संबोधित किया।"

केसी बोकाडिया ने आगे राज कुमार की अमिताभ बच्चन से तुलना करते हुए कहा, "बच्चन साहब को संभालना आसान था क्योंकि वह हर चीज का हिसाब-किताब रखने वाले और प्रोफेशनल इंसान हैं। उन्हें बात समझाना मुश्किल नहीं होता। लेकिन राज कुमार साहब पूरी तरह से अपने मूड के मालिक थे। वह उस गाय की तरह थे जो दूध तभी देती है जब उसका मन करे। अगर उनका मूड ठीक नहीं है, तो आप उनसे काम नहीं करवा सकते थे।"

मुहूर्त से ठीक एक शाम पहले किया था कास्ट (KC Bokadia interview Raaj Kumar)

बोकाडिया ने फिल्म 'पुलिस और मुजरिम' (1992) का एक दिलचस्प किस्सा सुनाते हुए बताया कि कैसे उन्होंने फिल्म के मुहूर्त शॉट से ठीक एक शाम पहले राज कुमार को कास्ट किया था। बोकाडिया ने कहा, "राज साहब की एक शर्त थी कि अगर वह सामने वाले का चेहरा और स्वभाव नहीं जानते, तो फिल्म नहीं करते थे। उनके लिए कहानी हमेशा बाद में आती थी। मैंने एक शाम हिम्मत करके उन्हें फोन मिलाया और कहा, 'राज साहब, बस एक लाइन सुन लीजिए।' कहानी की एक झलक सुनते ही वह खुश हो गए और फिल्म करने के लिए तैयार हो गए।"

पुराना कोट पहनकर आ गए थे सेट पर

इसके बाद बात फीस पर आकर रुकी। बोकाडिया ने बताया, "उन्होंने मुझसे पूछा कि पिछली बार कितनी फीस दी थी? मैंने कहा, '21 लाख रुपये।' उन्होंने कुछ और पैसे बढ़ाने को कहा। उन्होंने 24 लाख की मांग रखी, लेकिन मैंने उनके सम्मान में तुरंत 25 लाख रुपये की पेशकश कर दी। इसके साथ ही मैंने उनसे गुजारिश की कि वह अगली सुबह ही मुहूर्त शॉट के लिए सेट पर आ जाएं।"

राज कुमार इस बात से हैरान थे कि इतनी जल्दी उनके कॉस्ट्यूम (कपड़े) कैसे तैयार होंगे। इस पर बोकाडिया ने हंसते हुए उनसे कहा, "आप पिछले 25-30 सालों से एक जैसे ही हैंडसम दिख रहे हैं, हमें नए कपड़ों की क्या जरूरत है।" दिलचस्प बात यह रही कि अगली सुबह राज कुमार मुहूर्त शॉट के लिए अपना वही पुराना पीला कोट पहनकर सेट पर पहुंच गए, जिसे उन्होंने सालों पहले बीआर चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म 'हमराज' के सदाबहार गाने 'नीले गगन के तले' में पहना था।