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नवाजुद्दीन सिद्दीकी के पिता का Amitabh Bachchan से था खास कनेक्शन, रणवीर सिंह के रह चुके एक्टिंग कोच

Nawazuddin Siddiqui Birthday: अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक्टर ने जिदंगी में अपने संघर्ष के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। चलिए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से।

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Nawazuddin Siddiqui Birthday

Nawazuddin Siddiqui Birthday (सोर्स- एक्स)

Nawazuddin Siddiqui Birthday: बॉलीवुड में ऐसे कलाकार कम ही देखने को मिलते हैं, जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के सिर्फ अपने टैलेंट के दम पर पहचान बनाई हो। अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी उन्हीं सितारों में शामिल हैं। छोटे से गांव से निकलकर मुंबई की चकाचौंध तक पहुंचने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं।

उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। कभी रंग-रूप को लेकर ताने सुनने पड़े, कभी ऑडिशन में रिजेक्शन मिला, तो कभी पेट भरने के लिए चौकीदारी करनी पड़ी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे खुद को बॉलीवुड के सबसे दमदार कलाकारों में शामिल कर लिया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुआ जन्म

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना गांव में जन्मे नवाजुद्दीन का बचपन बेहद साधारण माहौल में बीता। उनके परिवार में आठ भाई-बहन थे और पिता चाहते थे कि बेटा कुछ अलग करे। हालांकि नवाज का मन फिल्मों और अभिनय की दुनिया में था। बचपन में गांव के टीन वाले सिनेमाघर में फिल्में देखने का उनका अनुभव आज भी चर्चित है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस दौर में पर्दे के पीछे नदी बहती थी और भैंसें भी स्क्रीन के सामने से गुजर जाती थीं। वहीं से उनके अंदर अभिनय का बीज पड़ा।

बिना बताए मेरठ चले थे नवाजुद्दीन

स्कूल के दिनों में भी उनका स्वभाव काफी अलग था। दसवीं में कम्पार्टमेंट आने के बाद वो बिना बताए मेरठ चले गए थे, जिससे उनके पिता बेहद नाराज हुए। बाद में दिल्ली पहुंचकर उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया और एक्टिंग की बारीकियां सीखीं। उन्हें भरोसा था कि मुंबई पहुंचते ही काम मिल जाएगा, लेकिन असली संघर्ष तो वहां उनका इंतजार कर रहा था।

सैकड़ों ऑडिशन्स देने के बाद मिली सफलता

मुंबई आने के बाद नवाजुद्दीन ने सैकड़ों ऑडिशन दिए। कई बार उन्हें सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि वो पारंपरिक हीरो जैसे नहीं दिखते थे। किसी ने कहा रंग बहुत डार्क है, तो किसी ने कहा चेहरा हीरो वाला नहीं है। लगातार रिजेक्शन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। उन्होंने खुद बताया था कि कई बार वो मुंबई की सड़कों पर छुपकर रोते थे। हालात इतने खराब हो गए थे कि कई दिनों तक सिर्फ पारले-जी बिस्कुट खाकर गुजारा करना पड़ा। पेट पालने के लिए उन्होंने दिल्ली और नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी की।

'सरफरोश' में मिला छोटा सा रोल

साल 1999 में आई फिल्म ‘सरफरोश’ में उन्हें छोटा सा रोल मिला। उस वक्त शायद ही किसी ने उन्हें नोटिस किया हो, लेकिन नवाज ने मेहनत जारी रखी। बाद में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने उनकी किस्मत बदल दी। फैजल खान के किरदार ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने ‘बजरंगी भाईजान’, ‘मंटो’, ‘रमन राघव’, ‘सेक्रेड गेम्स’ और कई फिल्मों-वेब सीरीज में दमदार अभिनय से अपनी अलग पहचान बनाई।

रणवीर सिंह के एक्टिंग कोच भी रह चुके नवाजुद्दीन

कम ही लोग जानते हैं कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी अभिनेता रणवीर सिंह के एक्टिंग कोच भी रह चुके हैं। फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के दौरान उन्होंने रणवीर को अभिनय से जुड़ी कई बारीकियां सिखाई थीं।

अपने पिता से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी नवाज अक्सर सुनाते हैं। उन्होंने बताया था कि उनके पिता बहुत मजेदार तरीके से बातें बढ़ा-चढ़ाकर करते थे। एक बार उन्होंने दावा कर दिया कि वो अमिताभ बच्चन से दिल्ली में मिल चुके हैं और उनसे मजाक में कहा था कि आप मोटे हो गए हैं। बचपन में नवाज को पिता की बातें सच लगती थीं, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके पिता कहानियां बनाने में माहिर थे।

नवाजुद्दीन का रिटारयमेंट प्लान

नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज भले ही बड़े स्टार बन चुके हों, लेकिन उनके अंदर का संघर्षशील कलाकार अब भी जिंदा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें कभी काम मिलना बंद हो गया तो वो खुद फिल्में बनाना शुरू कर देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि वो कुछ निर्देशकों के साथ बिना फीस लिए भी काम करने को तैयार हैं। उनके मुताबिक अब उन्हें पैसे या स्टारडम का मोह नहीं रहा।

रिटायरमेंट को लेकर भी उनका नजरिया काफी अलग है। नवाज का मानना है कि कलाकार कभी बूढ़ा नहीं होता। उन्होंने कहा था कि स्टारडम की उम्र सीमित हो सकती है, लेकिन अभिनय की कोई उम्र नहीं होती। शायद यही वजह है कि आज भी नवाजुद्दीन सिद्दीकी हर किरदार में नई जान डाल देते हैं।