
Sona Mohapatra On Rahul Gandhi: गायिका सोना मोहापात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘लोकतंत्र की मरम्मत’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल प्रदेश की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। सोना ने राहुल गांधी से अपील की कि लोकतंत्र को सुधारने की बात करने से पहले कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने राज्य में पहाड़ों पर फैले कूड़े और नदियों की खराब होती स्थिति पर चिंता जताई है। सोना मोहापात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी को टैग करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह करीब नौ साल बाद हिमाचल प्रदेश लौटीं और वहां की स्थिति देखकर हैरान रह गईं। सोना ने लिखा कि पहाड़ों पर जगह-जगह कूड़ा दिखाई दिया और नदियों की हालत भी चिंताजनक लगी। उन्होंने राहुल गांधी से हिमाचल प्रदेश को बेहतर शासन का मॉडल बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
सोना ने अपने पोस्ट में कहा कि लोगों से जनादेश मांगने के साथ-साथ सरकारों को अपने काम के जरिए यह साबित भी करना चाहिए कि वे बेहतर शासन दे सकती हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
सोना मोहापात्रा की टिप्पणी राहुल गांधी के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार और मौजूदा सरकार के जाने के बाद लोकतंत्र की ‘मरम्मत’ शुरू होगी। राहुल गांधी ने एक्स पर हिंदी में लिखा था कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे, सरकार जाएगी और उसके बाद लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी। उन्होंने संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों को दिए अपने संबोधन का वीडियो भी साझा किया था।
सोना मोहापात्रा की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनके सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में बेहतर शासन का उदाहरण पेश करना चाहिए। वहीं, कुछ यूजर्स ने कांग्रेस शासित राज्यों में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
इस बीच राहुल गांधी ने मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों, नागरिक समाज और छात्र संगठनों के सदस्यों को अपने आवास पर चाय के लिए आमंत्रित किया है। सूत्रों के मुताबिक, इंडिया ब्लॉक के नेता कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस या विरोध प्रदर्शन भी कर सकते हैं।