
Disha Salian Case: अभिनेता सूरज पंचोली ने दिशा सालियान डेथ केस में अपना नाम सामने आने के बाद पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। अभिनेता ने दावा किया है कि इस मामले से उनका नाम जोड़े जाने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार गालियां और यहां तक कि जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। सूरज ने साफ कहा कि वह दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे से कभी नहीं मिले।
ये बयान ऐसे समय आया है जब दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत की जांच को लेकर सीबीआई ने नई FIR दर्ज की है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद 14 सितंबर को दर्ज FIR में कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। हालांकि, रिपोर्टों के मुताबिक FIR में किसी को इस चरण पर आरोपी घोषित नहीं किया गया है।
सूरज पंचोली ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से उनका नाम बार-बार ऐसी चीजों से जोड़ा जा रहा है, जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है। अभिनेता ने कहा कि वह इस मामले पर खुलकर बात करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें ऐसा मंच चाहिए जहां उनसे सीधे और कठिन सवाल पूछे जाएं।
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सही मौका मिला तो वह असहज सवालों से भी पीछे नहीं हटेंगे। सूरज के मुताबिक, बातचीत तथ्यों और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के आधार पर होनी चाहिए, न कि केवल सनसनी पैदा करने के लिए।
अपने दूसरे बयान में सूरज ने इस बात को दोहराया कि उनकी दिशा सालियान से कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि वह आदित्य ठाकरे से भी कभी नहीं मिले।
अभिनेता ने कहा कि इसके बावजूद इंटरनेट पर उन्हें लगातार निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, उनका नाम इस मामले में लंबे समय से घसीटा जा रहा है और इस वजह से उनकी जिंदगी के कई साल प्रभावित हुए हैं। सूरज ने कहा कि अब वह अपनी जिंदगी, करियर और भविष्य को फिर से संभालने की कोशिश कर रहे हैं और इस बार चुप नहीं रहना चाहते।
सूरज पंचोली ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनका किसी व्यक्ति से निजी विवाद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनका कोई राजनीतिक गठजोड़ या राजनीतिक एजेंडा नहीं है और न ही वो किसी को बचाने या किसी के खिलाफ कार्रवाई कराने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने जांच एजेंसियों से मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच करने की अपील की। सूरज ने कहा कि अगर जांच में किसी भी पहलू की पड़ताल जरूरी है तो उसे पूरी तरह सामने लाया जाना चाहिए।
सूरज पंचोली के इस लंबे-चौड़े पोस्ट पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स किए। एक यूजर ने लिखा- 'जब आप उनसे मिले ही नहीं हैं या आपका उनसे कोई संपर्क ही नहीं रहा, तो सफाई देने की जरूरत ही क्या है? इसे नजरअंदाज कर दीजिए। CBI को जांच करने दीजिए… नतीजे निश्चित रूप से सामने आएंगे! हमेशा सत्यमेव जयते! सत्य की हमेशा जीत होती है! अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय पाती है। इसलिए इसे ऐसे ही रहने दीजिए!' वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा- अच्छी स्क्रिप्ट है। बता दें ज्यातादर लोगों ने सूरज के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद उन्हें सपोर्ट किया है।
दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को सीबीआई जांच का निर्देश दिया था। इसके बाद सीबीआई ने FIR दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार इसमें आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया और अन्य लोगों के नाम जांच के लिए दर्ज किए गए हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि FIR में नाम का उल्लेख अपने आप में किसी व्यक्ति को आरोपी साबित नहीं करता। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जांच एजेंसी इन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी कहा था कि पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। जून 2020 में मुंबई में उनकी मौत हुई थी। उनकी मौत के कुछ ही समय बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हुई, जिसके चलते दोनों मामलों को लेकर वर्षों तक सार्वजनिक और मीडिया चर्चाएं होती रहीं।
अब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने मामले की नई जांच शुरू की है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि अलग-अलग लोगों की भूमिका क्या रही और मामले की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।