मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिप्लब कुमार देब ने डायना हेडन को मिस वर्ल्‍ड का खिताब दिए जाने पर सवाल उठाया है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब कुछ दिन पहले ही महाभारत काल पर अपने बयान को लेकर चर्चा में आए थे। और अब उन्होंने सौंदर्य प्रतियोगिताओं पर सवाल खड़े किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने डायना हेडन को मिस वर्ल्ड का खिताब दिए जाने पर सवाल उठाया है। उनका मानना है कि डायना हेडन की जीत फिक्स थी। वहीं, उन्होंने ऐश्वर्या राय की तारीफ करते हुए कहा, सही मायने में ऐश्वर्या भारतीय महिलाओं की खूबसूरती की मिसाल हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, 'कॉस्मेटिक माफिया की नजर भारत पर है। लगातार पांच साल तक हमने मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स खिताब जीते। जिसने भी अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जीतकर लौटा। डायना हेडन भी जीत गईं। क्या आपको लगता है कि उन्हें ये खिताब जीतना चाहिए था?'
अब इस मुद्दे पर डायना हैडन का जवाब भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डायना हेडन ने कहा, ”मैं बचपन से रंगभेद की आलोचनाओं से जूझ रही हूं। और मैं सफल हूं। लोगों को मेरी उपलब्धियों का महत्व कम करने के बजाय उन पर गर्व करना चाहिए। मैं एक भूरी त्वचा वाली भारतीय होने के नाते गौरवान्वित हूं। मुझे दुख है। मंत्री का एक विशिष्ट कद है और वह जो कहते हैं उसके लिए उन्हें परवाह करनी चाहिए।”
आगे उन्होंने बताया, 'हम महिला को देवी लक्ष्मी, सरस्वती के रूप में देखते हैं। ऐश्वर्या मिस वर्ल्ड बनी तो ठीक है. वो सही मायने में भारतीय महिलाओं की नुमाइंदगी करती हैं। लेकिन मैं डायना हेडेन की खूबसूरती नहीं समझ पा रहा हूं। पांच साल के बाद क्यों और सुंदरियां भारत से नहीं आईं? जब वे हमारे देश में मार्केट पर कब्जा कर लिए तो यही काम कहीं और कर रहे हैं।'
ट्विटर पर हुई आलोचना
बिप्लव के इस बयान के बाद लोगों ने ट्विटर पर उनकी जमकर आलोचना की। इतना ही नहीं सामाजिक कार्यकर्ता कविता कृष्णन ने भी ट्वीट कर इस बयान को 'मूर्खतापूर्ण, कामुक और सांप्रदायिक' बताया। एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि एक कारण के लिए हम त्रिपुरा में जनादेश की तारीफ कर सकते हैं कि देश को नया मनोरंजन करने वाला मिल गया।
महाभारत युग में था इंटरनेट
बता दें पिछले दिनों देब ने 'महाभारत युग में इंटरनेट' होने की बात भी कही थी। इसके बाद से वह चर्चा में आ गए थे। उनके इस बयान की खूब चर्चा हुई थी। सीएम देब ने कहा था कि, 'अगर भारत के पास इंटरनेट की तकनीक नहीं होती तो, महाभारत में संजय धृतराष्ट्र को युद्ध का आंखों-देखा हाल कैसे बयां कर पाता? देश के पास उस वक्त सेटेलाइट मौजूद थी और ये लाखों साल पहले तकनीक के मौजूद होने का प्रमाण है। लोग इसे नकार देते हैं, लेकिन यही सच है।'