
नई दिल्ली। राज कुमार के तेवर पर्दे और असल जिंदगी में एक जैसे ही रहे बॉलीवुड जगत में आज तक जितने भी एक्टर बने, उनमें से जो जुदा अंदाज वाले एक्टर थे वो थे राज कुमार। जितना रुतबा उनके डायलॉग डिलिवरी में होता था, उसी रुतबे के साथ वो असल जिंदगी भी जीते थे। सबसे खास बात तो यह रही कि स्टारडम का इतना उंचा सफर करने के बाद जब वह ढलान पर आए उसके बाद भी बाद भी राज कुमार साहब के तेवर में कोई कमी नहीं आई।
उनके तेवर से जुड़ा एक वाकया तो ऐसा है, जिसमें उन्होंने एक मशहूर डायरेक्टर के ऑफर को यह कहकर दिया कि उनके कुत्ते को भी यह पसंद नहीं आई। शायद आपको पाता ना हो कि राज कुमार रामानंद सागर के बहुत अच्छे दोस्त थे आपको एक बात बताते हैं जो की 90 के दशक की है। जब राज कुमार की ‘पुलिस और मुजरिम’, ‘इंसानियत का देवता’ जैसी फिल्में बहुत अच्छा कारोबार करने में असफल थीं। उनका करियर ढलान पर था। तब उनके अच्छे दोस्त होने के कारण डायरेक्टर रामानंद सागर ने राजकुमार, अपनी फ़िल्में ‘जिंदगी’ और ‘पैगाम’ में काम दिया।
एक बार रामानंद सागर अपनी फिल्म ‘आंखें’ में लीड रोल का ऑफर लेकर राज कुमार से मिलने उनके घर पहुंचे। रामानंद ने राज कुमार से बोला कि वह चाहते हैं कि राजकुमार उनकी इस फिल्म में लीड रोल प्ले करें जिसके लिए उन्होंने दस लाख रुपये की पेशकश भी की। उस वक्त राज कुमार अपने ड्राइंगरूम में बैठे अपने अंदाज में सिगार पी रहे थे। रामानंद सागर का ऑफर सुनकर कुछ पल के लिए तो राज कुमार खामोश रहे। यह ऑफर सुनकर राज कुमार ने अपने कुत्ते को आवाज दी। कुत्ता राज कुमार के पैरों के पास आकर बैठ गया। राज कुमार ने सिगार का कश लगाते हुए अपने कुत्ते से कहा, "जानी, तुम्हें क्या लगता है कि सागर साहब का ऑफर स्वीकार करना चाहिए या नहीं?" कुत्ता कुछ पल राज कुमार की ओर टक-टकी लगाए देखता रहा, फिर गर्दन हिलाकर भौंकने लगा।
रामानंद सागर यह देख आश्चर्य रह गए, क्योंकि उन्हें पूरा भरोसा था कि इतने अच्छे दोस्त होने के नाते राज कुमार उनके ऑफर को स्वीकार करेंगे। लेकिन कुत्ते के भौंकने के बाद राज कुमार ने रामानंद सागर की ओर देखा और कहा, "देखिए सागर जी! मेरे कुत्ते को भी आपका ऑफर मंजूर नहीं है। ऐसे में मेरे हां करने का सवाल ही पैदा नहीं होता"। रामानंद सागर ने इस बात पर खुद को अपमानित महसूस किया। वह उसी समय वहां से चले गए। वहां से लौटने के बाद उन्होंने धर्मेंद्र को फिल्म के लिए साइन किया और फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। फिर ‘आंखें’ रिलीज हुई और उसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता भी हासिल की। इस घटना के बाद रामानंद सागर और राज कुमार की दोस्ती में वह बात नहीं रही जो पहले हुआ करती थी। लेकिन कोई क्या करे यही तो "जानी" का अंदाज़ था।