Women’s Reservation Bill Failure In Lok Sabha: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर पीएम मोदी ने विपक्ष को घेरा तो 'विश्वासघात' बताते हुए स्मृति ईरानी और रूपाली गांगुली ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हक पर विपक्ष का जश्न शर्मनाक है और देश की नारी शक्ति इस अपमान को कभी माफ नहीं करेगी।
Women’s Reservation Bill Failure In Lok Sabha: राजनीति के गलियारों से लेकर मनोरंजन जगत तक, इस समय केवल एक ही मुद्दे की गूंज सुनाई दे रही है- संसद में महिला आरक्षण बिल का पास न हो पाना। शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा, तो देश भर की बड़ी महिलाओं ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मशहूर अभिनेत्री रूपाली गांगुली जैसी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए विपक्ष पर हमला बोला।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' की अभिनेत्री और पूर्व शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की एक क्लिप साझा करते हुए विपक्ष की नीयत पर बड़े सवाल खड़े किए। स्मृति ने ट्वीट कर कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसी पार्टियों पर कटाक्ष करते हुए कहा, "जब महिलाओं के कल्याण से जुड़ा यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव गिर गया, तो कांग्रेस, डीएमके और सपा जैसी परिवार-आधारित पार्टियां मेज थपथपाकर जश्न मना रही थीं। महिलाओं की हार पर इस तरह की खुशी मनाना बेहद शर्मनाक है।"
टीवी शो 'अनुपमा' के जरिए हर घर में पहचान बनाने वाली रूपाली गांगुली भी इस घटना से काफी आहत दिखीं। उन्होंने एक भावुक नोट लिखते हुए कहा, "कल का दिन हमारे लोकतंत्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन था। बिल का पास न होना उन लाखों महिलाओं के साथ विश्वासघात है जो लंबे समय से संसद में अपने सही प्रतिनिधित्व का इंतज़ार कर रही थीं।" रूपाली ने विपक्ष पर 'तुच्छ राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की महिलाएँ इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगी और न ही कभी माफ करेंगी।
बिहार की विधायक और मशहूर गायिका मैथिली ठाकुर ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम का भाषण सुनने के बाद उन्होंने लिखा, "आज सड़कों पर यात्रा करते हुए मैंने प्रधानमंत्री का संदेश सुना। यह देखकर मेरा दिल दुख गया कि महिला सशक्तिकरण का इतना बड़ा अवसर हाथ से निकल गया।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा और सम्मान हर महिला का अधिकार है और यह आवाज अब रुकने वाली नहीं है।
इससे पहले, सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियों के लिए देश के कल्याण से बड़ा उनका राजनीतिक लाभ है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके साथी दल परिसीमन को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और समाज में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। देश की माताएं-बहनें इस 'फूट डालो और राज करो' की राजनीति को देख रही हैं और वे इसके लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी।"
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण बिल का अटकना अब एक बड़े राजनीतिक युद्ध में बदल गया है, जहाँ एक तरफ सरकार इसे देश की प्रगति बता रही है, वहीं दूसरी तरफ मनोरंजन जगत की जानी-मानी हस्तियां इसे महिलाओं के साथ धोखा करार दे रही हैं।