बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर साल 2016 में सेरोगेसी के जरिए पिता बने। उन्हें प्रकाश झा ने सेरोगेसी के जरिए पिता बनने का सुझाव दिया था। अब उन्होंने अपनी शादी के प्लान के बारे में बात की है।
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर एक्टर होने के साथ-साथ एक हैप्पी सिंगल फादर भी हैं। उनका एक पांच साल का बेटा है लक्ष्य। सोशल मीडिया पर तुषार अक्सर बेटे के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते रहते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में ये भी सवाल था कि तुषार कब शादी करेंगे। लेकिन अब खुद एक्टर ने अपनी शादी को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि वह कभी शादी नहीं करेंगे। वह खुद को किसी के साथ बांटना नहीं चाहते हैं।
मैं खुद को किसी और के साथ नहीं बांट सकता
दरअसल, एक इंटरव्यू में तुषार कपूर से उनकी शादी को लेकर सवाल किया गया कि वह इसकी प्लानिंग कर रहे हैं? इस पर उन्होंने कहा, 'नहीं, क्योंकि अगर मेरा ऐसा कोई प्लान होता तो मैं सिंगल पैरेंट नहीं बनता। मैं हर दिन अपने बेटे के साथ कुछ न कुछ करता रहता हूं। इसके अलावा कोई और ऑप्शन मैं चुन ही नहीं सकता। मैं खुद को किसी और के साथ नहीं बांट सकता। न ही मैं आगे ऐसा करने वाला हूं। तो बस अगर अंत सही है तो सब सही है।'
प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को करता हूं संतुलित
सिंगल पैरेंट होना आसान नहीं होता है लेकिन तुषार कपूर अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को मैनेज करना जानते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं दोनों को संतुलित करता हूं। हालांकि प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में तालमेल बैठाना इतना आसान नहीं होता है लेकिन मैं कोशिश करता हूं कि संतुलन बनाऊं। मैं सुबह लक्ष्य के साथ अपना वक्त बिताता हूं। उसके बाद जिम जाता हूं। दोपहर में काम करने के बाद फिर मैं उसके साथ होता हूं। रात को स्क्रिप्ट-रीडिंग सेशन के लिए वक्त निकालता हूं और वीकेंड पर तो चीजें और आसान हो जाती हैं। मेरे बेटे के साथ मेरा जो वक्त बीतता है वो बहुत ही संतोषजनक और सुखद है।'
प्रकाश झा ने दिया था सुझाव
बता दें कि तुषार कपूर साल 2016 में सेरोगेसी के जरिए पिता बने। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि प्रकाश झा ने उन्हें सेरोगेसी के जरिए पिता बनने का सुझाव दिया था। तुषार ने कहा था, ‘एक मां डायपर चेंज करती हैं, बच्चों को खाना खिलाती हैं, लोगों को लगता है कि पैरेंटिंग का मतलब बस इतना ही है। लेकिन असल में ये बहुत कुछ है। इसकी शुरुआत प्यार से होती है, जो बिना किसी शर्त के होता है। उन्हें बड़ा करना और हमेशा उन्हें सपोर्ट करना।'