बदायूं। दातागंज क्षेत्र स्थित एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में गुरुवार 12 मार्च ko दो वरिष्ठ अधिकारियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया। खास बात यह है कि हत्या से पहले ही अधिकारियों ने आरोपी से जान का खतरा बताते हुए शिकायत की थी और मुकदमा भी दर्ज कराया […]
बदायूं। दातागंज क्षेत्र स्थित एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में गुरुवार 12 मार्च ko दो वरिष्ठ अधिकारियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया। खास बात यह है कि हत्या से पहले ही अधिकारियों ने आरोपी से जान का खतरा बताते हुए शिकायत की थी और मुकदमा भी दर्ज कराया था। जांच रिपोर्ट में भी मिलीभगत की आशंका जताई गई थी, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटा दिया और कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा को नया एसएसपी नियुक्त किया है।
घटना से पहले ही प्लांट के अधिकारियों ने पुलिस को संभावित खतरे के बारे में आगाह कर दिया था। चार फरवरी को उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा ने दातागंज क्षेत्र में रहने वाले अजय प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी लगातार धमकियां दे रहा है और उनकी जान को खतरा है। अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद आरोपी के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
मामले की जांच के लिए सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में लिखा कि आरोपी और थाना प्रभारी के बीच मिलीभगत की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक यह रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजी गई थी। हालांकि रिपोर्ट पर तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपी के हौसले और बढ़ गए।
इसके बाद दातागंज क्षेत्र के सैजनी गांव के पास स्थित एचपीसीएल कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में आरोपी अजय प्रताप सिंह पहुंचा और दिनदहाड़े फायरिंग कर दी। इस हमले में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा को गोली लग गई। दोनों अधिकारियों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया और प्लांट परिसर में दहशत का माहौल बन गया। कर्मचारियों के डर के कारण प्लांट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया।
दोनों अधिकारियों की हत्या के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। शुक्रवार तड़के पुलिस उसे घटना में इस्तेमाल तमंचा बरामद कराने के लिए ग्राम मुडसैना के जंगल में ले गई। पुलिस का दावा है कि तमंचा मिलते ही आरोपी ने उसी हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें सिपाही ओमबीर सिंह घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपी और सिपाही को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दोहरे हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की। बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय की लॉजिस्टिक शाखा भेज दिया गया। उनकी जगह कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया है। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा के लिए पीएसी, पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात कर दिए गए हैं, जबकि जिला प्रशासन ने यहां जल्द सीआईएसएफ की तैनाती कराने की भी बात कही है।