मूर्ति की सुरक्षा के लिहाज से बदायूं की कोतवाली पुलिस ने उसे पिंजड़े में कैद किया था, जिसे अब मुक्त कर दिया है।
बदायूं। पिंजड़े में कैद की गई आंबेडकर की मूर्ति को आखिरकार मुक्त कर दिया गया। दरअसल आंबेडकर मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं में इजाफा देखकर कोतवाली पुलिस ने प्रतिमा ने चारों तरफ जाली लगवाकर कैद कर दिया था। इस खबर को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रशासन ने मूर्ति के इर्द गिर्द लगी जाली को वहां से हटाकर प्रतिमा को मुक्त कर दिया। मामला शहर के गद्दी चौक स्थित आंबेडकर पार्क का है।
ये था मामला
दिनोंदिन बाबा साहेब की मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं को बढ़ते देख पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है। ताकि किसी तरह का विवाद न हो। इसी के चलते इलाके की कोतवाली पुलिस ने बाबा साहेब की मूर्ति के चारों तरफ लोहे का जाल लगाकर उसे पिंजड़े में कैद कर दिया था। साथ ही सुरक्षा के लिए पुलिस व होमगार्ड की ड्यूटी लगा दी थी। ताकि 24 घंटे बाबा साहेब की मूर्ति की सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके। पुलिस ने ये काम आसपास के दुकानदारों से चंदा लेकर करवाया था।
इसके पीछे लोगों का कहना था कि मूर्ति के आसपास लंबे समय से पशु बांधे जा रहे हैं। इसके कारण आसपास गोबर व गंदगी जमा हो जाती है। वहीं लोगों के आवागमन से मूर्ति को खतरा रहता है। इस कारण मूर्ति की सुरक्षा के लिए वहां कोतवाली पुलिस ने होमगार्ड को तैनात किया है। लेकिन मूर्ति के कैद होने के बाद शहर भर में ये मुद्दा चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद पत्रिका ने भी इस मुद्दे प्रमुखता से उठाया जिसके कुछ घंटे बाद ही प्रतिमा को पिंजड़े से मुक्त कर दिया गया।
दुगरैया में क्षतिग्रस्त हुई थी मूर्ति
आपको बता दें कि हाल ही बदायूं के दुगरैया गांव में बाबा साहेब की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जिसके बाद वहां भगवा मूर्ति लगवाई गई। लेकिन लोगों की आपत्ति सामने आने के बाद प्रशासन ने उसे नीले रंग का करवा दिया।