
गंगा एक्सप्रेस-वे पर चालकों से वसूला गया टोल, PC- @AwasthiAwanishK
उत्तर प्रदेश के बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों के लिए टोल फ्री घोषित किए जाने के बावजूद टोल वसूली का मामला सामने आया है। 1 मई को कई वाहन चालकों से नकद व फास्टैग दोनों माध्यमों से टोल टैक्स लिया गया। इसकी शिकायतें सोशल मीडिया पर रसीदों और मैसेज के साथ वायरल हो रही हैं। फिलहाल इस मामले में डीएम ने सख्त रुख अपनाया है।
क्या-क्या हुआ वसूली का मामला?
वाहन चालकों का आरोप है कि टोल फ्री होने की जानकारी होने के बावजूद उन्हें जबरन रोका गया और पैसे लिए गए।
गंगा एक्सप्रेसवे का यह 92 किलोमीटर लंबा हिस्सा 29 अप्रैल को वाहनों के लिए खोल दिया गया था। इस रूट पर घटपुरी, वनकोटा और डहरपुर इंटरचेंज बनाए गए हैं। वनकोटा और डहरपुर पर टोल बूथ सक्रिय हैं, जबकि घटपुरी का टोल बूथ बंद है, लेकिन वहां से भी वाहन गुजर रहे हैं।
2 और 3 मई को एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वनकोटा और डहरपुर टोल बूथ पर कोई भी वाहन नहीं रोका गया और न ही फास्टैग से कोई राशि कटौती हुई। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि केवल 1 मई को ही गड़बड़ी हुई थी।
डहरपुर टोल बूथ के शिफ्ट इंचार्ज ने पहले ट्रायल रन का हवाला दिया, फिर कहा कि कुछ समय के लिए परीक्षण चल रहा होगा। बाद में उन्होंने माना कि गलती से टोल वसूला गया तो प्रभावित लोगों को रिफंड कर दिया जाएगा।
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने साफ कहा कि एक्सप्रेसवे पूरे 15 दिनों तक पूरी तरह टोल फ्री रहेगा। अगर कहीं भी टोल वसूला जा रहा है या फास्टैग से पैसे कट रहे हैं तो यह गलत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकार के आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
Updated on:
04 May 2026 09:47 pm
Published on:
04 May 2026 09:47 pm
