बदायूं में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने भगवा रंग की मूर्ति लगाई थी, जिसे अब फिर से नीले रंग में रंग दिया गया।
बदायूं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की भगवा मूर्ति को बदायूं जिले में फिर से नीला कर दिया गया है। आपको बता दें कि जिले के कुंवरगांव के दुगरैया गांव में शुक्रवार की रात बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ दिया गया था। उसके बाद इस स्थान पर आंबेडकर की नई मूर्ति नीले रंग के बजाय भगवा रंग की लगाई गई थी। रविवार को इस मूर्ति का पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अनावरण किया गया था। हैरान करने वाली बात ये है कि इस मूर्ति पर अब तक न तो बसपाइयों ने आपत्ति जताई थी और न ही आंबेडकर के अनुयायियों ने। लेकिन मंगलवार यानी 10 अप्रैल को इस मूर्ति को अचानक भगवा से नीला कर दिया गया। इसका कारण पूछने पर बसपा अध्यक्ष हेमेन्द्र गौतम से लेकर प्रशासन अधिकारियों तक किसी ने भी बात करने से इंकार कर दिया। फिलहाल इस मामले को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
ये था पूरा मामला
दरअसल 7 अप्रैल को दुगरैया गांव में कुछ उपद्रवियों ने बाबा साहेब की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने आनन फानन में आगरा से डॉ. भीम राव आंबेडकर की नई भगवा मूर्ति मंगवाकर उसे स्थापित कराया था। रविवार को मूर्ति का पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अनावरण किया गया। लेकिन उस समय मूर्ति के भगवा रंग पर न तो बसपाइयों ने शोर मचाया और न ही बाबा साहेब के अनुयायियों ने। हालांकि कुछ जगहों पर मूर्ति को नीला रंग का किए जाने की चर्चा जरूर चल रही थी। इसके पीछे लोगों का तर्क था कि बाबा साहेब की तस्वीरें और मूर्ति अक्सर गहरे रंगों, वेस्टर्न आउटफिट-ब्लेजर और ट्राउजर्स में देखी गई है। इसलिए भगवा रंग अजीब लग रहा है। इसे दोबारा पेंट किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन ने 14 अप्रैल से पहले मूर्ति नीले रंग की किए जाने की बात कही थी। तब से 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती से पहले मूर्ति को नीला कर देने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि जब इस बारे में बसपा के जिलाध्यक्ष हेमेन्द्र गौतम से बात की गई तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार था जब किसी जगह पर बाबा साहेब की भगवा मूर्ति को लगाया गया था।