बदायूं

आजम खां पर चल रहा देशद्रोह का मुकदमा खारिज

कश्मीर पर विवादित बयान को लेकर पिछले आठ सालों से चल रहा था मुकदमा। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
2 min read
• •
Updated: 4 Apr 2018, 2:06 PM IST
azam khan
Azam Khan

बदायूं। सपा के कद्दावर नेता कहे जाने वाले आजम खां के खिलाफ चल रहे देशद्रोह के मामले को सीजेएम बदायूं अमरजीत की अदालत ने खारिज किया। दरअसल 21 दिसंबर 2010 को आजम खान बदायूं में बड़ी सरकार की दरगाह में धरने को संबोधित करने आए थे। उसी दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर को लेकर विवादित बयान दिया था। जिसको लेकर उन पर बजरंग दल के जिला संयोजक उज्जवल गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया था। हाल ही इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

ये था पूरा मामला
दरअसल 21 दिसबंर 2010 को सदर कोतवाली क्षेत्र के बड़े सरकार की दरगाह पर तत्कालीन नगर पलिका चेयरमैन आबिद रजा द्वारा दिए जा रहे धरने को संबोधित करने आजम खान आए थे। संबोधन के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि केन्द सरकार की कैबिनेट में केवल एक ही मुस्लिम मंत्री गुलाम नवी आजाद हैं। वो भी भारत के नहीं हैं। वे उस कश्मीर के हैं, जिसका भूगोल अभी तय नहीं है कि वो भारत में है या पाकिस्तान में। इस मामले में आजम खान पर 18 जनवरी 2011 को आजम खां के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने एफआर लगाकर मामले को समाप्त कर दिया।

वादी उज्जवल गुप्ता ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट लगाने के बाद वादी ने फिर से कोर्ट में प्रतिवाद दायर किया। इस पर कोर्ट ने पुलिस को अग्रिम विवेचना करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने जांचकर दोबारा अंतिम आख्या लगा दी। कोर्ट ने पुलिस की अंतिम आख्या निरस्त कर वाद को परिवाद के रूप में चलाने का आदेश दिया। इसमें वादी व गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला बनता नहीं पाया। मंगलवार को कोर्ट ने परिवाद खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना है कि आजम खान के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि उन्होंने देशद्रोह से जुड़ी बातें कही हैं। फिलहाल कोर्ट द्वारा मुकदमा खारिज किए जाने के बाद उज्जवल गुप्ता अब जल्द ही हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।

Published on: