
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) ने एक नाबालिग को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने व इस तरह की पोस्ट करने पर अनोखी सजा सुनाई है। लड़के को आपत्तिजनक पोस्ट करने पर 15 दिन की सामुदायिक सेवा करने का दंड दिया गया है। लड़को गौशाला का सार्वजनिक स्थान साफ करने की सजा मिली है। आरोपी लड़के का यह पहला अपराध था और वह नाबालिग है। उसे सबक सिखाने के लिए बोर्ड ने उसे यह सजा दी। साथ ही उस पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
आईपीसी की धारा 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज
इस बारे में सरकारी वकील अतुल सिंह ने बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की एक मॉर्फ्ड तस्वीर साझा की थी। उन्होंने बताया कि लड़के के खिलाफ मई माह की शुरुआत में बदायूं के सहसवां थाने में सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार द्वारा आईटी एक्ट की धारा 67 सहित आईपीसी की धारा 505 (शरारती तथ्य) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में उसे बाल सुधार भेज दिया गया। उसकी उम्र को ध्यान में रखते हुए यह सजा उसे सुनाई गई है। ताकि वह दोबारा ऐसी गलती फिर न करे। जेजेबी के सदस्यों ने उसे समुदाय की सेवा करने का मौका दिया है। जेजेबी अध्यक्ष आंचल अधाना ने सदस्यों प्रमिला गुप्ता और अरविंद कुमार गुप्ता के साथ सोमवार को फैसला सुनाया। साथ ही जेजेबी ने किशोर पर आईटी एक्ट के तहत 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।