
बदायूं में डॉक्टर से मारपीट मामला (x @AnuragChaddha)
Badaun Doctor Beating Case: उत्तर प्रदेश के बदायूं में सड़क हादसे के बाद सरकारी डॉक्टर के साथ हुई मारपीट का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। मौके पर भीड़ ने डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस की ओर से कराए गए मेडिकल परीक्षण में उनके शरीर में एल्कोहल नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद डॉक्टर के शराब के नशे में होने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो साझा किए जाने के बाद आरोपियों की पहचान के लिए AI तकनीक के इस्तेमाल की मांग की है।
घटना मंगलवार की बताई जा रही है। अलापुर थाना क्षेत्र के बीचपुरी गांव के पास सीएचसी उसावां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सिद्धार्थ की स्कॉर्पियो सड़क पर घूम रही गाय से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि कुछ लोगों ने डॉक्टर पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उनकी कार में भी तोड़फोड़ की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में कुछ लोग डॉक्टर के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
घटना के बाद डॉक्टर का मेडिकल परीक्षण कराया गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, जांच में उनके शरीर में एल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई। यही रिपोर्ट अब पूरे मामले में अहम हो गई है। अगर मेडिकल जांच में शराब नहीं मिली, तो मौके पर डॉक्टर के नशे में होने का दावा किस आधार पर किया गया था, यह पुलिस जांच का हिस्सा बन गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए एक दूसरे वीडियो में स्कॉर्पियो के अंदर बीयर की कैन दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने अभी इस वीडियो की प्रामाणिकता और उसके घटना से संबंध की पुष्टि नहीं की है। इसलिए सिर्फ इस वीडियो के आधार पर डॉक्टर के शराब पीने की बात को सही नहीं माना जा सकता।
मामले पर अखिलेश यादव ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि डॉक्टर के साथ हुई मारपीट से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक समुदाय में नाराजगी पैदा हो सकती है। अखिलेश ने मांग की कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान के लिए AI तकनीक की मदद ली जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की।
पुलिस ने वायरल वीडियो और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर, धर्मेंद्र उर्फ नेत्रपाल, धर्मेंद्र और धर्मपाल के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमले और वाहन में तोड़फोड़ समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी जांच जारी है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस वायरल वीडियो समेत उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में दो बातें जांच के केंद्र में हैं, डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का आरोप कितना सही था और भीड़ में शामिल किन लोगों ने उनके साथ मारपीट की। मेडिकल रिपोर्ट, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।
Updated on:
13 Aug 2026 04:55 pm
Published on:
13 Aug 2026 04:55 pm
