महिला द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है
बदायूं। दातागंज में गैंग रेप पीड़ित महिला की सुनवाई न होने पर महिला ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने के पहले महिला ने एक पत्र भी लिखा है जिसमे उसने अपना दर्द बयां किया है। महिला ने अपने पिता और एसएसपी से इन्साफ दिलाने की बात लिखी है। साथ ही महिला ने अपने पति के लिए भी लिखा है कि घटना के बाद से वो उसे साथ नहीं रख रहे हैं और वो अपने पति से बहुत प्यार करती है हो सके तो उसका मुंह देखने आ जाए। महिला द्वारा आत्मघाती कदम उठाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही दातागंज के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।
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क्या था मामला
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली विवाहिता 15 मई को बदायूं में अल्ट्रासाउंड कराने गई थी।महिला का आरोप था कि रास्ते में उसके रिश्तेदार उसे मिले और उसे धोखे से अपने साथ सिकंदराबाद ले गए। फिर महिला को दिल्ली ले जाया गया। किसी तरह से महिला इनके चंगुल से आजाद होकर अपने गाँव पहुंची और 26 मई को दातागंज पुलिस से मामले की शिकायत की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे आहत होकर उसने रविवार को ख़ुदकुशी कर ली।
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सुसाइड नोट ने खोली पुलिस की पोल
महिला अपना मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस के चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस ने उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया जिसके बाद महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया। आत्महत्या के पहले महिला ने सुसाइड नोट भी लिखा है जिसमे उसने पुलिस की पोल खोली है। महिला ने लिखा है कि थाने में उसकी कोई सुनता नहीं है और मेरे पिता जी को भी कोतवाल उलटी बातें बताकर वापस भेज देते है। इसके साथ ही महिला ने लिखा है कि मैं तो दुनिया छोड़ कर जा रही हूँ एसपी साहब आप मुझे न्याय दिलाएं आपकी बड़ी कृपा होगी। महिला ने अपने पिता से भी इन्साफ दिलाने की बात लिखी है।
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इंस्पेक्टर दातागंज निलंबित
महिला की मौत के बाद पुलिस जागी और महिला का मुकदमा दर्ज किया गया साथ ही लापरवाही बरतने पर दातागंज थाने के इंस्पेक्टर अमृतलाल को निलंबित कर दिया गया। चुनाव सेल में तैनात गोविन्द सिंह को दातागंज थाने का नया इंचार्ज बनाया गया है।