
बुलंदशहर। अखिल भारतीय बीआर अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सीएए, एनआरसी, दलित ओबीसी व मुस्लिम समुदाय के जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता का कहना है कि भारत सरकार दलित, अल्पसंख्यक, ओबीसी आदि वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए कुछ नहीं किया है। सरकार मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति अपना रही है। बाहरी लोगों को देश में भाजपा सरकार बुला रही है, जबकि अपनों को बाहर करने का कानून लाई है। ऐसा करने से भारत सरकार को नुकसान होगा। उन्होंने कानून को वापस लेने की मांग की है।
अधिवक्ता मदन पाल गौतम ने बताया कि सीएए और एनआरसी देशविरोधी है। देश में प्रदर्शन हो रहे है। इस कानून को वापस लिया जाना चाहिए। पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने देश के राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।