Highlights - बुलंदशहर के मूलनिवासी शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा - पैतृक गांव इलना परवान में शोक का माहौल - कर्नल के चचेरे भाई सुनील पाठक को पास जारी करवाकर जयपुर रवाना
बुलंदशहर. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शनिवार को दो सैन्य अधिकारी समेत पांच लोग शहीद हो गए हैं। इस दौरान सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। शहीदों में बुलंदशहर के मूल निवासी कर्नल आशुतोष शर्मा भी शामिल हैं, जो करीब 15 वर्ष पहले माता-पिता के साथ जयपुर में रहने चले गए थे। कर्नल के शहीद होने की खबर मिलते ही उनके परिवार और पैतृक गांव इलना परवान में शोक का माहौल है। कर्नल आशुतोष का चचेरा भाई सुनील पाठक जिला प्रशासन से पास जारी कराते हुए जयपुर के लिए रवाना हो गया है।
बता दें कि हंदवाडा में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा को वर्ष 2019 में ही सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। कर्नल आशुतोष शर्मा बुलंदशहर के गांव इलना परवान के मूलनिवासी हैं। वह करीब 15 साल पहले माता-पिता के साथ जयपुर में बस गए थे। जबकि उनके परिवार के अन्य लोग पैतृक गांव में ही रहते हैं। उनके चचेरे भाई सुनील पाठक ने बताया कि कर्नल आशुतोष शर्मा का पूरा बचपन बुलंदशहर में ही बीता है। उन्होंने बुलंदशहर के डीएवी इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की थी। उन्हें बुलंदशहर से बेहद लगाव था। उनकी एक बेटी भी है, जो जयपुर में ही रहती है। सुनील पाठक जिला प्रशासन से पास जारी करवाकर जयपुर के लिए निकल चुके हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा का अंतिम संस्कार जयपुर में ही पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।
बंधकों बचाकर हुए शहीद
बताया जा रहा हैं कि सेना को खुफिया सूचना मिली थी कि आतंकवादियों ने कुपवाड़ा के हंदवाड़ा स्थित मोहल्ला चंजी में एक घर में लोगों को बंधक बना रहे हैं। सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान शुरू किया। इस दौरान सेना के पांच और पुलिस के एक जवान ने वहां फंसे लोगों को घर में प्रवेश करते हुए सुरक्षित निकाल लिया। इस दौरान सेना और पुलिस की आतंकवादियों से जमकर मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो आतंकवादियों का खात्मा कर दिया गया, लेकिन इस दौरान दो सैन्य अधिकारी सीओ 21-आरआर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, एक पुलिस सब इंस्पेक्टर शकील काजी और एक लांस नायक व एक राइफलमैन शहीद हो गए।