
42 साल से बुलंदशहर में रह रहा था पाकिस्तानी नागरिक, PC- X
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। वह पिछले 40 साल से पहचान छिपाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में रह रहा था। आरोपी के पास से और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि वह किसी आतंकी संगठन का 'स्लीपर सेल' एजेंट हो सकता है।
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कागजों में सैयद वासित अली के रूप में थी, जो सुशीला विहार, बुलंदशहर का निवासी बना हुआ था। हालांकि, गहन पड़ताल और उसके पासपोर्ट की जांच में असली नाम बासिद इरशाद (55 वर्ष), निवासी न्यू कराची, पाकिस्तान सामने आया।
जांच में पता चला कि बासिद साल 1981 में अपनी मां बिलकिस फातिमा के साथ महज 5 साल की उम्र में भारत आया था। उसकी मां ने बुलंदशहर के गुलावठी में दूसरी शादी कर ली थी।
पुराना रिकॉर्ड: बासिद को साल 2012 में मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
बड़ा सवाल: मेरठ पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बावजूद उसे अब तक डिपोर्ट क्यों नहीं किया गया और वह दोबारा बुलंदशहर में पहचान बदलकर कैसे रहने लगा, इसकी जांच मेरठ और बुलंदशहर पुलिस मिलकर कर रही है।
एसपी सिटी के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति लंबे समय से किराए के मकान में पहचान बदलकर रह रहा है और किसी संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने की फिराक में है।
एसपी सिटी अभिषेक प्रताप आरोपी लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे रह रहा था। बरामद दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। आशंका है कि वह स्लीपर सेल से जुड़ा हो सकता है, इसके पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
बासिद इरशाद फिलहाल बुलंदशहर के गुलावठी में एक प्राइवेट नौकरी कर रहा था। उसकी शादी मेरठ में हुई है और उसके बच्चे भी हैं। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और सोमवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद विदेश मंत्रालय के जरिए उसे पाकिस्तान डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
Published on:
24 Apr 2026 09:03 pm
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