बुलंदशहर

भाजपा नेता के बेटे, डॉक्टर और पीएसओ की डरावनी मौत, तीनों गाड़ी में फंसे, खून बहा और कोई बचा नहीं

बुलंदशहर-मेरठ हाईवे-334 पर भाजपा नेता के बेटे समेत तीन लोगों की जान चली गई। तीनों बुलंंदशहर से मेरठ लौट रहे थे।

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Jan 20, 2026

समय-रात का 11 बजे का वक्त।‌ दिन-सोमवार। बुलंदशहर-मेरठ हाईवे(NH-334) पर सन्नाटा पसरा था, तभी एक तेज आवाज ने रात की खामोशी को चीर दिया। चिड़ावक गावं के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी ओर से आ रहे ट्रक में जा घुसी। हादसा इतना भयावह था कि देखने वालों की रूह कांप गई।

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लग्जरी कर लोहे के मलबे में तब्दील

लग्जरी कर लोहे के मलबे में तब्दील हो चुकी थी। हाईवे पर बिखरे कांच के टुकड़े, मुड़ा हुआ लोहा और चारों तरफ फैला खून…यह सब बताने के लिए काफी था कि अंदर वाले लोगों को संभलने का एक पल भी नहीं मिला होगा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो कार के अंदर 3 लोगों को बाहर निकला, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, कर में मिले कागलों के आधार पर तीनों की पहचान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय त्यागी के पुत्र अंकित त्यागी, डॉक्टर आशुतोष पूनिया और महेश कुमार के रूप में हुई। अंकित त्यागी भाजपा एमएलसी अश्विनी त्यागी के भतीजे थे। महेश कुमार, अंकित के पीएसओ (सुरक्षा अधिकारी) के रूप में तैनात थे।

पोल्ट्री फार्म देखने गए थे, लौटते वक्त हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, तीनों बुलंदशहर से मेरठ लौट रहे थे। डॉक्टर आशुतोष अपने गांव में आधुनिक पोल्ट्री फार्म शुरू करने की योजना बना रहे थे। इसी सिलसिले में अंकित और महेश के साथ बुलंदशहर में एक परिचित के फार्म पर गए थे। शाम को लौटते हुए चिड़ावक गांव के पास कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे में मौके पर ही कार में सवार तीनों लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी, सीओ सिटी और सीओ सिकंदराबाद मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

Published on:
20 Jan 2026 09:15 am
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