
चंद्रशेखर और रोहिणी फोटो सोर्स पत्रिका
इंदौर की पीएचडी छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी ने नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद रावण के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार कई तीखे पोस्ट किए हैं। इन पोस्टों में लगाए गए गंभीर आरोपों से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सनसनी फैल गई है।
डॉ. रोहिणी घावरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखे लंबे और आक्रामक पोस्ट में सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पर दलित समाज की पीड़ा को नजरअंदाज करने और महिला उत्पीड़न के मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा कि यदि उनका शोषणकर्ता सवर्ण समाज से होता। तो चंद्रशेखर आज़ाद अब तक सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई देते।
रोहिणी ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आज़ाद दलितों के मसीहा होने का दावा तो करते हैं। लेकिन अपनी ही वाल्मीकि समाज की बेटी को न्याय नहीं दिला पाए। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद केवल उन्हीं मामलों में सक्रिय होते हैं। जहां अपराधी सवर्ण होता है। जबकि अन्य दलित पीड़ितों के दर्द से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अपने पोस्ट में रोहिणी ने चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि वह जल्द ही समाज के सामने सच्चाई रखेंगी।
रोहिणी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि मायावती और स्वर्गीय कांशीराम को लेकर की गई। आपत्तिजनक टिप्पणियों का संबंध भी चंद्रशेखर आज़ाद से है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज़ाद पार्टी का बसपा में विलय कर खुद उच्च पद पाने की मंशा भी जताई गई थी। जिसके वीडियो सबूत उनके पास मौजूद हैं।
डॉ. रोहिणी घावरी ‘जन पावर मिशन’ की संस्थापक हैं। और एक हजार महिलाओं का समूह तैयार करने का दावा कर रही हैं। वह इंदौर की रहने वाली हैं। एक सफाईकर्मी की बेटी बताई जाती हैं। उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड जाने के बाद वह एनजीओ चला रही हैं। और फिलहाल चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कह रही हैं।
Updated on:
15 Jan 2026, 6:10 PM IST
Published on:
15 Jan 2026, 5:25 PM IST
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