45 डिग्री तापमान में पढ़ी गई जुमा अलविदा की नमाज बुलंदशहर के औरंगाबाद की जामा मस्जिद में भी पढ़ी गई नमाज इंस्पेक्टर को प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया
बुलंदशहर। इस समय रमजान का पाक महीना चल रहा है। 31 मई को जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान लोगों ने खुले आसमान के नीचे 45 डिग्री तापमान में नमाज पढ़ी। जिले की कई मस्जिदों में भी शुक्रवार को जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इस बीच औरंगाबाद में सैकड़ों मुस्लिम नमाज के बाद सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग भी कर डाली।
खुले आसमान के नीचे पढ़ी नमाज
रमजान का पाक महीना अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। शुक्रवार को आखिरी जुमे अलविदा की नमाज भी लोगों ने खुले आसमान के नीचे अदा की। उस समय जनपद का तापमान करीब 45 डिग्री टेंपरेचर था। नमाज पढ़ते वक्त बुरा हाल था। लोग पसीने में तर-बतर हो रहे थे।
मौलाना के नेतृत्व में एकत्रित हुए सैकड़ों लोग
औरंगाबाद की जामा मस्जिद में भी शुक्रवार को जुमा अलविदा की नमाज हुई। इसमें मौलाना अफरोज मेहंदी के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। उन्हाेंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग भी की। मुस्लिमों ने इस संबंध में इंस्पेक्टर अरविंद कुमार को प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
यह रही वजह
मुस्लिमों ने फिलीस्तीन में लोगों पर किये जा रहे अत्याचार को लेकर अमेरिका के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर काफी देर तक जाम लगा रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिलीस्तीन में आये दिन एक-एक कर मजलूमों को निशाना बनाया जा रहा है। वहां पर मासूम बच्चे और महिलाओं पर सरेआम अत्याचार किये जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर इसे रुकवाने की मांग की। इस मौके पर चेयरमैन अख्तर मेवाती, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद हिमायत अली, साहिद नकवी, मौहम्मद आमिर, मौहम्मद रजा, अब्दुल्ला कुरैशी, हाशिम गुडडू सैफी, हसनैन नकवी आदि मौजूद रहे।