Highlights Bulandshahr के जहांगीरपुर थानाक्षेत्र के रखेड़ा गांव का मामला Dhanteras पर चामड़ देवी मंदिर में पूजा करने गई थीं महिलाएं महिलाओं ने इस घटना का Video बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल
बुलंदशहर। दुनिया 21वीं सदी में पहुंच गई है लेकिन अब भी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बुलंदशहर (Bulandshahr) में छुआछूत के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जहांगीरपुर थानाक्षेत्र के रखेड़ा गांव का है। वहां 25 अक्टूबर को पूजा करने जा रही दलित महिलाओं को दबंग लोगों ने मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया। उनको धनतेरस (Dhanteras) पर्व पर माता मंदिर चामड़ में पूजा नहीं करने दी गई।
थाने में दी तहरीर
दलित समाज की महिलाओं ने इस घटना का वीडियो (Video) बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल (Viral) कर दिया। साथ ही उन्होंने थाने में तहरीर भी दी है। बुधवार को गांव के दलित समाज के लोगों ने एकत्र होकर सीओ से वार्ता की। उन्होंने दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये आरोप लगाए
वीडियो 25 अक्टूबर यानी धनतेरस के दिन की है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मंदिर के बाहर खड़े युवक दलित महिलाओं को मंदिर में नहीं जाने दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह उनकी जमीन पर बना मंदिर है। इसको लेकर युवकों की महिलाओं से काफी नोकझोंक हुई। घटना के बाद दलित समाज के लोगों में रोष व्याप्त हो गया। इस मामले को लेकर उन्होंने बुधवार को खुर्जा (Khurja) सीओ को तहरीर दी। उसमें गांव के कुछ दबंग लोगों को नामजद कर मारपीट करने, जाति आधारित शब्द कहने और जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने दबंगों से जान का खतरा भी बताया।
यह कहा पीड़ित ने
रखेड़ा गांव निवासी बंटी का कहना है कि उनको मंदिर में पूजा नहीं करने दी जाती है। इसको लेकर उनसे मारपीट की गई है। दबंग लोगों ने उनको दलित बताकर पूजा करने से रोका। 25 के बाद से उनको पूजा करने से रोका जा रहा है। इसको लेकर उन्होंने अपनी समस्या डीएम और सीओ को बताई है।
पुलिस अधिकारी ने कही कार्रवाई की बात
इस मामले में जब पुलिस से जानकारी की गई तो अपर पुलिस अधीक्षक खुर्जा हरेंद्र सिंह ने कहा कि वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। इसमें दलित पक्ष के लोगों को मंदिर में जाने से रोका गया है। पीड़ित पक्ष ने खुर्जा सीओ को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की बात की है। इस मामले में बुधवार देर रात को मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस केस में 9 पुरुष और दो महिलाओं समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। गांव निवासी मामचंद की तहरीर पर आईपीसी 147, 506 व एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, बताया जा रहा है कि इस मामले में अब सुलह की कोशिशें तेज हो गई हैं।