बुलंदशहर

VIDEO: बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों को मिली बड़ी राहत, देशद्रोह का नहीं चलेगा मुकदमा

—3 दिसबंर 2018 को चिंगरावठी चौकी के पास भड़की थी हिंसा —कोर्ट ने मंगलवार को एसआईटी की तरफ से दाखिल चार्जशीट पर की सुनवाई  

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VIDEO: बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों को मिली बड़ी राहत, देशद्रोह का नहीं चलेगा मुकदमा

बुलंदशहर. स्याना के चिंगरावठी चौकी के पास भड़की हिंसा के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 38 लोगों के खिलाफ शनिवार (2 मार्च) को कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इसमें बजरंग दल के संयोजक योगेश राज और भाजपा नेता शिखर अग्रवाल का नाम भी शामिल है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजद्रोह की धारा पर संज्ञान नहीं लिया। चार्जशीट में सभी 38 आरोपियों पर देशद्रोह की धारा 124 ए लगार्इ गर्इ थी। बचाव पक्ष ने देशद्रोह की धारा लगाने के लिए सरकार की अनुमत्ति न होने का हवाला देते हुए सवाल खड़े किए।

मालूम हो कि बुलंदशर के स्याना में 3 दिसंबर को हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में स्याना कोतवाली के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं भीड़ में शामिल सुमित कुमार की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एसआईटी ने इस मामले में 2 मार्च को 38 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। एसआईटी ने सीजेएम कोर्ट में 38 आरोपियों के खिलाफ 103 पेज की चार्जशीट और 3300 पन्ने की केस डायरी पेश की। इसमें राहुल, प्रशांत नट, लोकेंद्र, डेविड और जानी को हत्या का दोषी, बलवा, देशद्रोह का आरोपी बनाया गया, जबकि अन्य 33 पर देशद्रोह, हत्या की कोशिश, बलवा समेत अन्य का आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने मंगलवार को चार्जशीट पर संज्ञान लिया। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि 'कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 124 ए (देशद्रोह) के तहत लगे आरोप हटा दिए हैं।'

Published on:
06 Mar 2019 12:05 pm
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