Highlights: -छोटी-छोटी समस्या पर भी सरकारी एंबुलेंस के लिए फोन कर रहे लोग -कोरोना संक्रमण से निपटने को एम्बुलेंस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण - संक्रमित मरीजों को शिफ्ट करने के दौरान सावधानी बरतने की दी जानकारी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लॉकडाउन लागू है। वहीं संक्रमण के खिलाफ जंग में मेडिकल कर्मी व एंबुलेंसकर्मी अहम किरदार निभा रहे हैं। कोरोना संक्रमितों को आइसोलेशन वार्ड पहुंचाने सेे लेकर अन्य मरीजों को तत्काल अस्पताल तक पहुंचाने में एंबुलेंसकर्मी लगातार जुटे हुए हैं। वहीं ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं जिसमें लोग छोटी-छोटी परेशानी पर भी सरकारी एंबुलेंस के लिए फोन कर रहे हैं।
दरअसल, जनपद के बैर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को 108-102 एम्बुलेंस कर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर एम्बुलेंस कर्मियों को कोरोना वायरस से बचाव के साथ ही मरीजों के इलाज को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
बुलंदशहर के जनपद के 102-108 एम्बुलेंस के जिला प्रभारी आशू गोयल ने बताया कि प्रशिक्षण में कर्मियों को बताया गया है कि वह खुद को कोरोना वायरस के संक्रमण से कैसे बचाएं और वायरस से संक्रमित मरीज की मदद कैसे करें। सभी कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स और सैनिटाइजर प्रयोग पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया। सभी कर्मचारियों को मोबाइल एप ट्रेंनिग भी दी गई, जिससे एम्बुलेंस कर्मी जल्दी ही मरीजों के पास तक पहुंच सकें।
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एम्बुलेंस कॉल सेंटर पर मदद मांगने वालों की संख्या हुई दोगुनी
जिला प्रभारी ने बताया जब से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है, तब से 102-108 एम्बुलेंस की मदद लेने वालों की संख्या में दोगुना इजाफा हो गया है। कोरोना संक्रमण के दौरान एम्बुलेंस कर्मी दिन रात मरीजों को सेवा दे रहे हैं, ऐसे में ज्यादातर लोग सामान्य जुकाम-बुखार और बदन दर्द होने पर भी 102-108 एम्बुलेंस की मदद मांग रहे हैं। ऐसा सार्वजनिक वाहनों का संचालन न होने की वजह से हो रहा है। आशू गोयल ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी होने पर ही सेवा का लाभ लें।