Highlights . रेप केस में फंसाकर वसूली करने वाला दरोगा सस्पेंड. कई महिलाओं से हैं दरोगा की साठगांठ. जांच में दरोगा पाया गया दोषी
बुलंदशहर। जहांगीराबाद कोतवाली में तैनात एक दरोगा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दरोगा पर रेप के मुकदमे में नाम निकालने के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। इस मामले में एक वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने मुकदमा दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया हैं।
हिंदू महासंघ के महानगर अध्यक्ष ठाकुर देशराज सिंह और अन्य लोगों ने 19 नवंबर को एसएसपी संतोष कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक वीडियो एसएसपी को सौंपा था। इस वीडियो में दरोगा पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा था। इस मामले की जांच एसएसपी ने सीओ सदर राघवेंद्र मिश्रा को सौंपी थी। सीओ की जांच में दरोगा के खिलाफ आरोप सही मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपी दरोगा के कई महिला से संबंध है। आरोप है कि दरोगा बिजेंद्र सिंह महिलाओं से साठगांठ कर रेप की झूठी तहरीर लेकर लोगों को फंसाता था। उसके बाद वसूली का खेल खेलता था। वह दबिश या फिर किसी बिचौलिये को भेजकर मामले में दवाब डलवाता था।